पुरी रथ यात्रा का दूसरा दिन श्रद्धालुओं ने कहा-शब्दों में नहीं बता सकते यह अनुभव

पुरी रथ यात्रा का दूसरा दिन  श्रद्धालुओं ने कहा-शब्दों में नहीं बता सकते यह अनुभव
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। शुक्रवार को रथ यात्रा का दूसरा दिन है। यह भव्य यात्रा गुरुवार से शुरू हुई। दूसरे दिन भगवान जगन्नाथ के रथ पर विधि-विधान से आरती दर्शन किए गए, जिसे देखने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। पूरे पुरी में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।

पुरी, 17 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। शुक्रवार को रथ यात्रा का दूसरा दिन है। यह भव्य यात्रा गुरुवार से शुरू हुई। दूसरे दिन भगवान जगन्नाथ के रथ पर विधि-विधान से आरती दर्शन किए गए, जिसे देखने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। पूरे पुरी में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।

रथ यात्रा में शामिल होने पहुंचे श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। पहली बार रथ यात्रा में शामिल हुए एक भक्त ने आईएएनएस से कहा, "मैं पहली बार रथ यात्रा में आया हूं, और यह अनुभव अद्भुत है। मैं पिछले दो दिनों से यहां हूं और आज वापस लौटूंगा। पहली बार यहां आकर मन को अपार शांति मिली है। यहां बिताया हर पल मेरे लिए बेहद खास रहा।"

एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, "यह अनुभव इतना अद्भुत है कि इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। हम परसों से ही यहां हैं क्योंकि हम इस पावन पर्व का हिस्सा बनना चाहते थे। यह सब भगवान जगन्नाथ की कृपा है।"

एक भक्त ने कहा, "इससे बड़ा सुख कोई नहीं हो सकता। स्वयं भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देने बाहर आए हैं। गुरुवार को हमें मंदिर में प्रवेश कर प्रभु के बाहर आने का दिव्य दृश्य देखने का सौभाग्य मिला। ऐसा लगा मानो पूरा ब्रह्मांड उनके दर्शन की प्रतीक्षा कर रहा हो। इस पावन अवसर पर बारिश भी हुई, जैसे स्वयं स्वर्ग ने इस पल को आशीर्वाद दिया हो।"

पहली बार पुरी पहुंचे एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, "इस अनुभव को शब्दों में नहीं बताया जा सकता। इसे समझने के लिए यहां आना और इस माहौल को महसूस करना जरूरी है। भगवान जगन्नाथ बिना किसी भेदभाव के सभी भक्तों को दर्शन देते हैं। पहली बार प्रभु के दर्शन कर मेरी आंखों से खुशी के आंसू निकल आए।"

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का यह दिव्य आयोजन देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का अद्भुत संगम बना हुआ है।

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Created On :   17 July 2026 10:11 AM IST

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