राहुल गांधी के आरोपों पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कांग्रेस शासन में पुलिस फायरिंग की घटनाएं गिनाईं

राहुल गांधी के आरोपों पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कांग्रेस शासन में पुलिस फायरिंग की घटनाएं गिनाईं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधने के बाद संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार किया है। रिजिजू ने कहा कि नागरिकों की जान और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और मौजूदा सरकार ने विभिन्न आंदोलनों के दौरान अधिकतम संयम बरता है।

नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधने के बाद संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार किया है। रिजिजू ने कहा कि नागरिकों की जान और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और मौजूदा सरकार ने विभिन्न आंदोलनों के दौरान अधिकतम संयम बरता है।

रिजिजू ने राहुल गांधी के एक्स पोस्ट के जवाब में कांग्रेस शासन के दौरान आंदोलनों और प्रदर्शनों पर हुई पुलिस फायरिंग की कई घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कई आपराधिक तत्वों द्वारा स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश के बावजूद सरकार की कार्रवाई में किसी की जान नहीं गई।

रिजिजू ने कांग्रेस शासन के दौरान हुई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इनमें मिजोरम में भारतीय नागरिकों पर वायुसेना के इस्तेमाल से लेकर विभिन्न राज्यों में आंदोलनों के दौरान पुलिस फायरिंग तक के मामले शामिल हैं।

उन्होंने जिन प्रमुख घटनाओं का उल्लेख किया, उनमें 1969 का तेलंगाना आंदोलन शामिल है। रिजिजू के अनुसार, ऐतिहासिक विवरणों में इस आंदोलन के दौरान 369 लोगों की मौत का उल्लेख मिलता है, जिनमें बड़ी संख्या छात्रों की थी और कई लोग पुलिस फायरिंग में मारे गए थे।

उन्होंने 1976 के तुर्कमान गेट विध्वंस और पुलिस फायरिंग का भी जिक्र किया। रिजिजू ने कहा कि आपातकाल के दौरान हुई इस घटना में मौतों का आंकड़ा विवादित है। पुलिस ने छह मौतों की पुष्टि की थी, जबकि अन्य विवरणों में मृतकों की संख्या 20 या उससे अधिक बताई गई।

इसके अलावा उन्होंने 1976 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में नसबंदी अभियान के खिलाफ प्रदर्शन, 1972 के पंजाब के मोगा आंदोलन, 1973-74 के गुजरात नव निर्माण आंदोलन, 1998 के मध्य प्रदेश के मुलताई किसान आंदोलन, 2007 के आंध्र प्रदेश के मुदिगोंडा भूमि आंदोलन, 2010 के सोमपेटा पुलिस फायरिंग, 2011 के काकापल्ली पुलिस फायरिंग और 2011 के महाराष्ट्र के जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना विरोध प्रदर्शन का उल्लेख किया।

रिजिजू के मुताबिक, जैतापुर में 18 अप्रैल 2011 को प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में एक प्रदर्शनकारी की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान पुलिस फायरिंग से जुड़ी ऐसी कई अन्य घटनाएं भी हुई हैं।

रिजिजू ने अपने पोस्ट में कहा कि इन घटनाओं से कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल के दौरान विभिन्न आंदोलनों और प्रदर्शनों में हुई पुलिस कार्रवाई तथा मौतों का एक लंबा सिलसिला सामने आता है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने सभी आंदोलनों के दौरान अधिकतम संयम बरता है।

इससे पहले राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   19 Aug 2026 7:28 PM IST

Tags

Next Story