'राजनय को पारंपरिक दायरे से बाहर ले जाएं', पीएम मोदी का आईएफएस के ट्रेनी अधिकारियों को संदेश

राजनय को पारंपरिक दायरे से बाहर ले जाएं, पीएम मोदी का आईएफएस के ट्रेनी अधिकारियों को संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘सेवा तीर्थ’ में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 2025 बैच के ट्रेनी अधिकारियों से बातचीत की।

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘सेवा तीर्थ’ में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 2025 बैच के ट्रेनी अधिकारियों से बातचीत की।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी। पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा कि इंडियन फॉरेन सर्विस के 2025 बैच के ट्रेनी अधिकारियों से बातचीत की।

उन्होंने युवा राजनयिकों से अपील करते हुए कहा कि राजनय को पारंपरिक दायरे से बाहर ले जाएं और स्थानीय समुदायों व प्रवासी भारतीयों के साथ सार्थक रूप से जुड़ें। निवेश के नए मौकों की पहचान करके भारत की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएं। हमारे मिशन को ज्यादा टेक्नोलॉजी-आधारित और नागरिक-केंद्रित बनाएं और उनकी डिजिटल मौजूदगी को मजबूत करें।

उन्होंने कहा कि हमेशा सुचारू और तेजी से काम करने वाली कांसुलर सेवाएं सुनिश्चित करें। भारत की सभ्यतागत विरासत, संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को उजागर करके दुनिया के सामने भारत की छवि पेश करें।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने युवा राजनयिकों से कहा कि वे अपनी पोस्टिंग वाले देशों में जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव बनाएं और स्थानीय समुदायों के साथ भारत के संबंधों को और गहरा करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय मिशनों को न केवल सरकारों और संस्थानों के साथ, बल्कि सामुदायिक स्तर पर लोगों के साथ भी सार्थक संबंध बनाने चाहिए। उन्होंने ट्रेनी अधिकारियों को पारंपरिक राजनयिक दायरे से आगे बढ़कर अपना नेटवर्क बढ़ाने और लोगों के साथ जुड़ाव गहरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत की वैश्विक भागीदारी को और मजबूत करने के लिए भारत की सभ्यतागत खूबियों को टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और असरदार बातचीत के साथ जोड़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने ट्रेनी अधिकारियों से कहा कि वे दुनिया के साथ भारत की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएं। उन्होंने भारतीय मिशनों की डिजिटल मौजूदगी को मजबूत करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वेबसाइट अक्सर वह पहला जरिया होती है जिसके जरिए लोग किसी संस्थान से जुड़ते हैं। उन्होंने कॉन्सुलर और दूसरी सेवाओं को ज्यादा आसान, तेजी से काम करने वाला और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए टेक्नोलॉजी के ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया।

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Created On :   24 Aug 2026 11:22 PM IST

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