राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले- जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई से क्यों बेचैन हैं सपा प्रमुख?

राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले- जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई से क्यों बेचैन हैं सपा प्रमुख?
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी सरकारी संसाधनों और जमीन का दुरुपयोग कर खड़ी की गई तथा कार्रवाई कानून के तहत हो रही है, इसलिए सपा नेतृत्व को बेचैन होने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।

लखनऊ, 18 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी सरकारी संसाधनों और जमीन का दुरुपयोग कर खड़ी की गई तथा कार्रवाई कानून के तहत हो रही है, इसलिए सपा नेतृत्व को बेचैन होने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।

मंत्री राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि प्रिय अखिलेश जी, जौहर यूनिवर्सिटी पर कानून अपना काम कर रहा है तो उम्मीद है आप बेचैन ज़रूर होंगे। हैं ना? सच सच बताइए? उन्होंने आगे लिखा कि जिस जौहर यूनिवर्सिटी को आपकी सरकार में बनाया गया, उसमें अरबों रुपए और जमीन किसकी थी? सरकार की, अवैध यूनिवर्सिटी किसने खड़ी की? आजम खान ने। संसाधन किसका लगा? सरकार का। ट्रस्ट किसने बनाया? आजम खान ने। टैक्स किसने दिया? हिंदुओं ने। नौकरी किसको मिली? आजम खान के रिश्तेदारों को।

उन्होंने लिखा कि आजम खान ने जौहर यूनिवर्सिटी के लिए आपके सैफई परिवार के साथ मिलकर जो जौहर दिखाया है- उस पर किसी को भी शर्म आ जाए। अब कार्रवाई हो रही है तो बेचैनी क्यों बढ़ रही है? सुभासपा प्रमुख ने लिखा कि सुनिए, ये डबल इंजन की सरकार है, अवैध इमारतों पर बुलडोजर तो चलेगा ही। बेचैन मत होइए। पश्चाताप के समय बेचैन नहीं हुआ जाता, आत्मग्लानि महसूस करनी चाहिए। इसीलिए हमारे पुरख़ों ने कहा है, “जैसी करनी, वैसी भरनी”। जय भारत, जय श्री राम, जय श्री कृष्ण, जय महाराज सुहेलदेव।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के उन निर्माणों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें जांच के दौरान अवैध पाया गया है। प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और पक्ष-विपक्ष एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

--आईएएनएस

विकेटी/एएस

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Created On :   18 July 2026 1:10 PM IST

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