1990 के दशक में पंजाब ने हिंसा का बेहद दर्दनाक दौर देखा था, उसे समझना जरूरी आरपी सिंह

1990 के दशक में पंजाब ने हिंसा का बेहद दर्दनाक दौर देखा था, उसे समझना जरूरी आरपी सिंह
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने रविवार को दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके अलावा अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने रविवार को दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके अलावा अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

फिल्म 'सतलुज' को लेकर आर.पी. सिंह ने कहा, "1990 के दशक में पंजाब ने हिंसा का बेहद दर्दनाक दौर देखा था, जिसमें बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की जान गई। उस समय कई पुलिसकर्मी भी आतंकवाद के खिलाफ खड़े होने की वजह से मारे गए थे।"

उन्होंने कहा, "पंजाब का वह दौर बेहद कड़वा अध्याय है, जिसके जख्म आज भी पूरी तरह नहीं भरे हैं। जसवंत सिंह खालरा ने उस समय मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया था और बाद में उनकी भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उस दौर की सच्चाई को समझना और सामने लाना जरूरी है।"

पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान पर भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व राज्य इकाई के भीतर चल रहे मतभेदों को सुलझाने में पूरी तरह विफल रहा है। चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा, गुरप्रीत प्रताप बाजवा और अन्य कई नेता खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार मानते हैं। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के साथ भी समन्वय का अभाव दिखाई देता है। यही कारण है कि पंजाब कांग्रेस लगातार आंतरिक संघर्ष से जूझ रही है।"

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर आर.पी. सिंह ने कहा, "राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, चाहे वह ट्रस्ट का सदस्य, अधिकारी या कर्मचारी ही क्यों न हो, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर दोषियों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।"

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा इस मामले में सरकार पर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि उनके पास कोई ठोस सबूत है तो उसे विशेष जांच दल (एसआईटी) के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।

उन्होंने कहा, "बिना प्रमाण के आरोप लगाने का कोई औचित्य नहीं है। भाजपा, संघ परिवार और हमारी विचारधारा से जुड़े सभी लोग इस घटना से आहत हैं और इसकी स्पष्ट शब्दों में निंदा कर चुके हैं।"

वहीं, बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की संभावना पर टिप्पणी करते हुए आर.पी. सिंह ने तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि प्रशांत किशोर को चुनाव में अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिलेगा और उनकी जमानत भी जब्त हो सकती है।

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Created On :   5 July 2026 8:29 PM IST

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