राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय का इस्तीफा नैतिकता की मिसाल विहिप

राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय का इस्तीफा नैतिकता की मिसाल विहिप
राम मंदिर चढ़ावा में कथित अनियमितताओं के मामले में चल रही जांच के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र जैन ने ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय के इस्तीफे को नैतिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि चंपत राय ने अपने ऊपर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं होने के बावजूद नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।

नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा में कथित अनियमितताओं के मामले में चल रही जांच के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र जैन ने ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय के इस्तीफे को नैतिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि चंपत राय ने अपने ऊपर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं होने के बावजूद नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चंपत राय ने एफआईआर दर्ज कराने के बाद अगले ही दिन संबंधित कोषाध्यक्ष को बुलाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह कदम सार्वजनिक जीवन में आदर्श स्थापित करने वाला है और इसका सभी को सम्मान करना चाहिए। जो लोग आज इस कदम पर सवाल उठा रहे हैं, उनके अपने राजनीतिक इतिहास में कई घोटाले रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं दिया।

राम मंदिर ट्रस्ट के फंड में हजारों करोड़ रुपए के कथित घोटाले के आरोपों पर उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे दावों का उद्देश्य राम जन्मभूमि के प्रति लोगों की आस्था को कमजोर करना है। उन्होंने आरोप लगाने वालों से अपील की कि यदि उनके पास कोई ठोस सबूत है तो उसे एसआईटी और पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करें। यदि बिना सबूत के इस प्रकार के आरोप लगाए गए हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

मुंबई में वीएचपी के प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहा कि संगठन पहले दिन से ही निष्पक्ष जांच के पक्ष में है। ट्रस्ट ने स्वयं एसआईटी गठन की मांग की थी और जांच के बाद अंतरिम रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जा चुकी है। यदि पैसों के गबन में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, चाहे वह किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सख्त सजा होनी चाहिए। इस मामले से संपूर्ण हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना जरूरी है। लोकतंत्र में कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा गलत किए जाने पर उसे कानून के अनुसार दंड मिलना चाहिए। अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की पूर्ण रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा और सभी को जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।

वहीं, रांची में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के मामलों की जांच होती है, उसी तरह इस मामले की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस जांच में जाति, धर्म, पार्टी या राजनीति नहीं देखी जानी चाहिए, क्योंकि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा मंदिर का मामला है। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

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Created On :   28 Jun 2026 11:16 PM IST

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