राम मंदिर पर विपक्ष कर रहा राजनीति, उनके लोग ही छोड़ रहे उनका साथ दीपक केसरकर

राम मंदिर पर विपक्ष कर रहा राजनीति, उनके लोग ही छोड़ रहे उनका साथ दीपक केसरकर
शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग केवल राजनीति कर रहे हैं, एक-दूसरे के साथ नहीं हैं, इसीलिए उनके पार्टी के लोग ही उनको छोड़कर जा रहे हैं।

मुंबई, 3 जुलाई (आईएएनएस)। शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग केवल राजनीति कर रहे हैं, एक-दूसरे के साथ नहीं हैं, इसीलिए उनके पार्टी के लोग ही उनको छोड़कर जा रहे हैं।

शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस रास्ते पर वे चल रहे हैं, वह बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से मेल नहीं खाता है और इसी कारण पार्टी के कई लोग संगठन छोड़ रहे हैं। संगठन को अपनी दिशा पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।

राम मंदिर से जुड़े एक कार्यक्रम को लेकर उद्धव ठाकरे की ओर से घोषित ‘श्री राम महा-आरती’ पर प्रतिक्रिया देते हुए केसरकर ने कहा कि पहले उन्हें अपने राजनीतिक सहयोगियों से इस विषय पर स्पष्टता लेनी चाहिए, क्योंकि विचारधारात्मक मतभेद स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। जनता उनकी बातों में नहीं आने वाली है।

वहीं मुंबई में खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम शेख की मौत के बाद एक बार फिर शहर की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने इसे बेहद दुखद बताया और जिम्मेदार अधिकारियों तथा ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

शिवसेना विधायक दीपक वसंत केसरकर ने कहा कि ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वालों को कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

इसी तरह की एक अन्य घटना, साकीनाका क्षेत्र में खुले मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत पर भी केसरकर ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताते हुए दोहराया कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री दत्तात्रय विठोबा भरणे ने कहा, "महाराष्ट्र सरकार विधानसभा में महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक पेश करने जा रही है। इस कानून के तहत, ग्रामीण इलाकों में डेयरी फार्मिंग और खेती-बाड़ी में मजदूरी करने वाली महिलाओं को किसान प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे और उन्हें किसानों के तौर पर एक अलग पहचान दी जाएगी।"

उन्होंने कहा, "मैं अभी आपको सही आंकड़ा नहीं बता सकता। हालांकि, जैसा कि आप जानते हैं, लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं के नाम पर खेती की जमीन रजिस्टर्ड नहीं है। ऐसी सभी महिलाओं को इस किसान सर्टिफ़िकेशन पहल में शामिल किया जाएगा।"

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   3 July 2026 4:34 PM IST

Tags

Next Story