Delhi News: रेलिगेयर की Q1 आय 26% बढ़कर ₹2,358 करोड़, अर्जुन लांबा बने मैनेजिंग डायरेक्टर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बर्मन परिवार के स्वामित्व वाली Religare Enterprises Limited (REL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में कुल समेकित आय में सालाना आधार पर 26% की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी की समेकित आय बढ़कर 2,358.43 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह इससे कम थी। हालांकि, तिमाही के दौरान कंपनी को 46.98 करोड़ रुपये का समेकित घाटा हुआ, जबकि Q1 FY26 में कंपनी ने 8.12 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
कंपनी के मुताबिक, तिमाही के दौरान वित्तीय सेवा कारोबार में मजबूत गतिविधियां देखने को मिलीं। साथ ही, विभिन्न कारोबारों में किए जा रहे निरंतर पूंजी निवेश से भी कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती मिली है।
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केयर हेल्थ इंश्योरेंस का GWP 37% बढ़ा
रेलिगेयर के पोर्टफोलियो में शामिल केयर हेल्थ इंश्योरेंस (CHIL) ने तिमाही के दौरान बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी के ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) में सालाना आधार पर 37% की वृद्धि दर्ज की गई। रेलिगेयर ने कहा कि कारोबार के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।
वहीं, रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (RFL) मजबूत बैलेंस शीट के साथ कारोबार को फिर से गति देने की स्थिति में है। कंपनी ने कहा कि RFL में पर्याप्त पूंजी उपलब्ध है और रिकवरी तथा कलेक्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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अर्जुन लांबा बने मैनेजिंग डायरेक्टर
रेलिगेयर ने अपनी नेतृत्व टीम में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अर्जुन लांबा को 12 अगस्त 2026 से कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) रीडेज़िग्नेट किया गया है। इससे पहले वह REL के पूर्णकालिक निदेशक के रूप में कार्यकारी निदेशक की भूमिका में थे।
नई भूमिका में लांबा कंपनी की रणनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, कॉरपोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने, कारोबार में बदलाव से जुड़ी पहलों को गति देने और दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
लांबा ने कहा कि Q1 FY27 कंपनी के लिए सोच-समझकर और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने वाली तिमाही रही। उनके मुताबिक, कंपनी ने अल्पकालिक परिणामों के बजाय मजबूत कारोबारी आधार तैयार करने को प्राथमिकता दी है। समूह स्तर पर पूंजी निवेश के साथ नेतृत्व संरचना और गवर्नेंस मानकों को मजबूत किया गया है।
प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़कर 30.56%
रेलिगेयर के अनुसार, जून 2026 में 147 करोड़ रुपये मूल्य के वारंट के रूपांतरण के बाद 30 जून 2026 तक कंपनी में प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़कर 30.56% हो गई। कंपनी ने कहा कि इससे उसकी पूंजी और तरलता की स्थिति को मजबूती मिली है।
REL के CFO प्रतुल गुप्ता ने कहा कि Q1 FY27 में पूरे पोर्टफोलियो में अनुशासित परिचालन प्रदर्शन देखने को मिला। CHIL ने 37% GWP वृद्धि दर्ज की, जबकि RBL ने चुनौतीपूर्ण बाजार परिस्थितियों के बावजूद अपनी गति बनाए रखी। RFL भी मजबूत पूंजी और कलेक्शन पर फोकस के साथ कारोबार को फिर से गति देने के लिए तैयार है।
कंपनी ने कहा कि वह अपनी परिचालन सहायक कंपनियों में उनके विकास की जरूरतों के अनुरूप निवेश जारी रखेगी और परिचालन मजबूती के साथ दीर्घकालिक, टिकाऊ लाभप्रदता हासिल करने पर उसका फोकस बना रहेगा।
Created On :   14 Aug 2026 1:41 AM IST












