आरजी कर दुष्कर्म-हत्या केस मुख्यमंत्री ने ईडी को दी संदीप घोष के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति

आरजी कर दुष्कर्म-हत्या केस मुख्यमंत्री ने ईडी को दी संदीप घोष के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले में बड़ा कदम उठाते प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को संदीप घोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति दे दी है। सीएम अधिकारी ने खुद इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी।

कोलकाता, 18 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले में बड़ा कदम उठाते प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को संदीप घोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति दे दी है। सीएम अधिकारी ने खुद इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि आज मुख्यमंत्री के रूप में एक महान और सकारात्मक कदम उठाने पर मैं खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। 9 अगस्त, 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सिस्टर अभया की क्रूर हत्या और दुष्कर्म के मामले में, आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ ईडी को कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति दी गई (अभियोजन की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है)।

उन्होंने कहा कि पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इस मामले की जांच प्रक्रिया को लंबे समय तक जबरदस्ती और अनैतिक रूप से रोके रखा। लेकिन हमारा मानना ​​है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। मैं चाहता हूं कि सिस्टर अभया के असली दोषियों की जल्द से जल्द पहचान हो, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले और बंगाल की जनता को न्याय मिले। मैं सिस्टर अभया की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।

इससे पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में कोलकाता पुलिस के एक पूर्व आयुक्त सहित तीन आईपीएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था।

सस्पेंड किए गए अधिकारियों में तत्कालीन कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल, तत्कालीन पुलिस उपायुक्त (उत्तरी डिवीजन) अभिषेक गुप्ता और तत्कालीन पुलिस उपायुक्त (मध्य डिवीजन) इंदिरा मुखर्जी शामिल हैं।

उनके निलंबन की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि तीनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री और राज्य गृह विभाग के प्रभारी के रूप में पदभार संभालने के बाद, मैंने मुख्य सचिव और राज्य गृह सचिव से आरजी कर मामले और घटना के बाद के घटनाक्रमों पर विस्तृत लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।

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Created On :   18 May 2026 11:38 PM IST

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