सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप कर्नाटक ने पुरुषों और महिलाओं के टीम टाइटल जीते, आर्यन-सान्वी रहे 'बेस्ट स्विमर'

सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप कर्नाटक ने पुरुषों और महिलाओं के टीम टाइटल जीते, आर्यन-सान्वी रहे बेस्ट स्विमर
79वीं सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में कर्नाटक का दबदबा रहा। कर्नाटक ने पुरुषों और महिलाओं दोनों के टीम टाइटल जीतकर 'डबल' पूरा किया और 334 प्वाइंट्स के साथ ओवरऑल स्विमिंग चैंपियन बना।

अहमदाबाद, 22 जून (आईएएनएस)। 79वीं सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में कर्नाटक का दबदबा रहा। कर्नाटक ने पुरुषों और महिलाओं दोनों के टीम टाइटल जीतकर 'डबल' पूरा किया और 334 प्वाइंट्स के साथ ओवरऑल स्विमिंग चैंपियन बना।

इस चैंपियनशिप में कुल 22 नए रिकॉर्ड बने, जिनमें मेंस इवेंट्स में 10 और महिलाओं के इवेंट्स में 12 रिकॉर्ड शामिल हैं। भारतीय तैराकों ने भी प्रतियोगिता के दौरान 17 'बेस्ट इंडियन परफॉर्मेंस' दर्ज किए। इनमें से सात पुरुषों के इवेंट्स में और 10 महिलाओं के इवेंट्स में थे।

शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन करने वालों में, गुजरात के आर्यन नेहरा को पुरुषों की कैटेगरी में 'बेस्ट स्विमर' चुना गया, जिन्होंने 3 गोल्ड मेडल और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके साथ ही दो नेशनल मीट रिकॉर्ड और एक 'इंडियन बेस्ट परफॉर्मेंस' भी दर्ज की।

वहीं, विमेंस कैटेगरी में महाराष्ट्र की सान्वी देशवाल ने 'बेस्ट स्विमर' का अवॉर्ड जीता। उन्होंने तीन गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल के साथ-साथ एक नेशनल मीट रिकॉर्ड और एक 'इंडियन बेस्ट परफॉर्मेंस' भी हासिल की।

भारत के बेहतरीन सीनियर तैराकों के खिलाफ सान्वी चैंपियनशिप की निर्विवाद महिला स्टार बनकर उभरीं और 'बेस्ट फीमेल स्विमर ऑफ द चैंपियनशिप' का खिताब अपने नाम किया।

सान्वी ने 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले (बेस्ट इंडियन परफॉर्मेंस), 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में गोल्ड मेडल जीते, और 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले में सिल्वर मेडल जीता।

चैंपियनशिप का सबसे खास पल महिलाओं की 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले रेस में आया, जो तैराकी के सबसे मुश्किल इवेंट्स में से एक है। बटरफ्लाई, बैकस्ट्रोक, ब्रेस्टस्ट्रोक और फ्रीस्टाइल में बेहतरीन कौशल की जरूरत वाली इस रेस को अक्सर एथलीट की बहुमुखी प्रतिभा और तकनीकी महारत की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है।

सान्वी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2:19.15 में रेस पूरी की। इस तैराकी ने एक नया राष्ट्रीय बेंचमार्क स्थापित किया। सिर्फ 14 साल की उम्र में, वह सीनियर नेशनल लेवल पर इतना महत्वपूर्ण प्रदर्शन करने वाली सबसे कम उम्र की तैराकों में से एक बन गईं।

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Created On :   23 Jun 2026 12:12 AM IST

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