शाहजहांपुर अभिनेता राजपाल यादव के खिलाफ कोठी पर कब्जे की शिकायत, सिटी मजिस्ट्रेट से जांच की मांग

शाहजहांपुर अभिनेता राजपाल यादव के खिलाफ कोठी पर कब्जे की शिकायत, सिटी मजिस्ट्रेट से जांच की मांग
फिल्म अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलों के बीच अब शाहजहांपुर में उनकी एक कोठी को लेकर नया विवाद सामने आया है। विक्रम कुशवाहा नाम के एक एक शख्स ने कोठी पर कब्जा करने का आरोप राजपाल यादव पर लगाया है। विक्रम सिटी मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने और संपत्ति को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।

शाहजहांपुर, 8 अगस्त (आईएएनएस)। फिल्म अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलों के बीच अब शाहजहांपुर में उनकी एक कोठी को लेकर नया विवाद सामने आया है। विक्रम कुशवाहा नाम के एक एक शख्स ने कोठी पर कब्जा करने का आरोप राजपाल यादव पर लगाया है। विक्रम सिटी मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने और संपत्ति को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ता का दावा है कि जिस कोठी को राजपाल यादव अपना बता रहे हैं, वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रेम कृष्ण खन्ना की संपत्ति थी और बाद में वसीयत के आधार पर वह विक्रम कुशवाहा के अधिकार में आई। विक्रम कुशवाहा ने दावा किया कि प्रेम कृष्ण खन्ना ने यह संपत्ति राधा रमण सेठ से खरीदी थी। प्रेम कृष्ण खन्ना की कोई संतान नहीं थी और उन्होंने बचपन से उनकी सेवा की थी।

शिकायतकर्ता का दावा है कि प्रेम कृष्ण खन्ना ने उसे गोद लिया था, जिसका गोदनामा है। वर्ष 1982 में प्रेम कृष्ण खन्ना ने वसीयत के माध्यम से अपनी चल-अचल संपत्ति उसके नाम कर दी थी। इसी आधार पर वह खुद को संपत्ति का वारिस बता रहे हैं।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राजपाल यादव ने दबंगई और रसूख के बल पर उस कोठी पर कब्जा कर लिया। उन्होंने प्रशासन से संपत्ति से जुड़े पुराने दस्तावेज, नगर निकाय के रिकॉर्ड और अन्य अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। विक्रम कुशवाहा का दावा है कि नगर निगम/नगर पालिका के रिकॉर्ड में आज भी वह संपत्ति प्रेम कृष्ण खन्ना के नाम दर्ज है। इसके अलावा अन्य दस्तावेजों में भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रेम कृष्ण खन्ना का नाम दर्ज होने का दावा किया गया है।

संपत्ति को लेकर विवाद पहले से न्यायिक स्तर पर भी चल रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, मामले को लेकर शाहजहांपुर से लेकर हाईकोर्ट तक कानूनी प्रक्रिया चल रही है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब राजपाल यादव पहले से ही चेक बाउंस मामले में फंसे हैं। इसके अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से उनकी कुछ संपत्तियों पर नीलामी संबंधी नोटिस चस्पा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

विक्रम कुशवाहा की ओर से राजपाल यादव पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राजपाल यादव की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब प्रशासनिक जांच और अदालत में चल रही कार्यवाही के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों से संपत्ति के स्वामित्व और कब्जे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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Created On :   8 Aug 2026 1:41 PM IST

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