Book Launch: शुभ्रा सक्सेना की बुक ‘It Matters A Lot’ का विमोचन, दलाई लामा ने लिखी है प्रस्तावना, अपने जीवन और फैसलों पर सोचने के लिए करती है प्रेरित

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। लेखिका और प्रशासनिक अधिकारी शुभ्रा सक्सेना की पुस्तक ‘इट मैटर्स अ लॉट’ का विमोचन शुक्रवार को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में किया गया। रूपा पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक की प्रस्तावना परम पावन दलाई लामा ने लिखी है। पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में प्रॉक्टर एंड गैंबल इंडिया के पूर्व सीईओ और लेखक गुरचरण दास, लेखक एवं पूर्व राजनयिक पवन के. वर्मा, वाराणसी के गांधी विद्या संस्थान की पूर्व निदेशक प्रो. कुसुम लता केडिया, लेखिका और लाइफ कोच आभा शर्मा तथा अपोलो हॉस्पिटल्स की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. श्वेता माथुर लल्ल सहित कई लोग मौजूद रहे।
‘इट मैटर्स अ लॉट’ में जीवन के अलग-अलग पड़ावों और उनसे जुड़े अनुभवों के बारे में बताया गया है। इसमें बचपन, किशोरावस्था, युवावस्था, मध्य आयु और बुढ़ापे के दौरान होने वाले बदलावों पर चर्चा की गई है। पुस्तक में बताया गया है कि परिवार, परवरिश, समाज की उम्मीदें, सफलता और असफलता जैसे अनुभव हमारी सोच को प्रभावित करते हैं। यह पाठकों को अपने जीवन के बारे में सोचने और कुछ जरूरी सवालों के जवाब तलाशने के लिए प्रेरित करती है। क्या सफलता ही खुशी का आधार है? क्या हम वही कर रहे हैं, जो वास्तव में करना चाहते हैं? जब चीजें हमारी उम्मीदों के अनुसार नहीं होतीं, तो उनका सामना कैसे करना चाहिए?
पुस्तक के हर अध्याय के अंत में कुछ सवाल दिए गए हैं। इनकी मदद से पाठक अपने अनुभवों, सोच और फैसलों पर विचार कर सकते हैं। पुस्तक खुशी और सफलता पाने का कोई तय तरीका बताने के बजाय लोगों को खुद को समझने और अपने जीवन के बारे में बेहतर फैसले लेने के लिए प्रेरित करती है। पुस्तक में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि खुद को समझना क्यों जरूरी है। जब हम अपने विचारों और भावनाओं को बेहतर ढंग से समझते हैं, तो सही फैसले लेने में मदद मिलती है। इससे हम दूसरों की भावनाओं को भी बेहतर समझ सकते हैं और उनके प्रति अधिक संवेदनशील बन सकते हैं।
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास अक्सर खुद के बारे में सोचने का समय नहीं होता। ऐसे में यह पुस्तक पाठकों को कुछ पल रुककर यह समझने का मौका देती है कि उनके जीवन में वास्तव में क्या जरूरी है। यह बताती है कि बेहतर जीवन जीने की शुरुआत खुद को समझने से होती है। इसका असर हमारे रिश्तों और दूसरों के साथ व्यवहार पर भी पड़ता है। शुभ्रा सक्सेना ने कहा, “’इट मैटर्स अ लॉट’ के जरिए मेरी कोशिश है कि लोग कुछ पल रुककर अपने जीवन के बारे में सोचें। जब हम खुद को बेहतर ढंग से समझते हैं, तो सोच-समझकर फैसले ले पाते हैं, दूसरों की भावनाओं को समझते हैं और यह जान पाते हैं कि हमारे जीवन में वास्तव में क्या जरूरी है।” ‘इट मैटर्स अ लॉट’ शुभ्रा सक्सेना द्वारा लिखी गई है। पुस्तक की प्रस्तावना दलाई लामा ने लिखी है और इसका प्रकाशन रूपा पब्लिकेशंस ने किया है।
Created On :   16 Oct 2026 10:30 PM IST














