तरुण तेजपाल की सजा के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस, गोवा सरकार से मांगा जवाब

तरुण तेजपाल की सजा के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस, गोवा सरकार से मांगा जवाब
सहयोगी के यौन शोषण मामले में दोषी तहलका पत्रिका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोटिस जारी किया है। तरुण तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से दी गई 10 साल की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। सहयोगी के यौन शोषण मामले में दोषी तहलका पत्रिका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोटिस जारी किया है। तरुण तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से दी गई 10 साल की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए गोवा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। तेजपाल के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेजपाल ने सरेंडर कर दिया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय करेगा।

6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने 2013 के एक मामले में निचली अदालत के फैसले को पलट दिया था। यह मामला एक होटल की लिफ्ट में जूनियर महिला सहयोगी के साथ दुष्कर्म का था। निचली अदालत ने तेजपाल को बरी कर दिया था लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

इससे पहले 14 सितंबर को तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल ने गोवा की एक अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें उत्तरी गोवा के कोलवाले सेंट्रल जेल ले जाया गया था। उन्होंने हाईकोर्ट की सजा के कुछ हफ्ते बाद सरेंडर किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त को 62 वर्षीय पत्रकार को निर्देश दिया था कि वे अपनी सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई शुरू होने से पहले दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करें। कोर्ट ने उनकी तत्काल राहत की याचिका खारिज कर दी थी और साफ कहा था कि सरेंडर सर्टिफिकेट जमा करने के बाद ही उनकी अपील पर विचार किया जाएगा।

इसके बाद तेजपाल ने मापुसा में अतिरिक्त सत्र न्यायालय के समक्ष सरेंडर किया। 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल को 22 सितंबर या उससे पहले सरेंडर सर्टिफिकेट दाखिल करने का निर्देश दिया था और स्पष्ट किया था कि 10 साल की कठोर कारावास की सजा को चुनौती देने वाली उनकी अपील पर तभी सुनवाई होगी, जब वे सरेंडर कर देंगे।

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Created On :   25 Sept 2026 11:51 AM IST

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