व्यापारियों ने त्योहारी सीजन में राहुल गांधी की रैली टालने की मांग की, कारोबार प्रभावित होने की जताई आशंका

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में त्योहारी सीजन के बीच प्रस्तावित कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली को लेकर व्यापारिक संगठनों और कारोबारियों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों से लगातार धरना-प्रदर्शनों और सड़कों पर अवरोध की वजह से व्यापार पहले ही प्रभावित हो चुका है और यदि त्योहारों के दौरान एक और बड़ी रैली होती है तो बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और कम हो सकती है।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हाल के महीनों में दिल्ली में हुए प्रदर्शनों और रैलियों के कारण व्यापार को लगभग 4,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के लिए अक्टूबर से जनवरी तक का समय पूरे साल के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी महीनों में शामिल होता है।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से थोक खरीदार और कारोबारी दिल्ली आते हैं, लेकिन जब रैलियों और प्रदर्शनों के कारण यातायात प्रभावित होता है तो कई लोग दिल्ली आने से बचते हैं। ऐसे में प्रस्तावित रैली को स्थगित करना व्यापार और कारोबार दोनों के हित में होगा।
उन्होंने आईएएनएस से कहा, "पिछले दिनों दिल्ली में प्रदर्शन, आंदोलन और इसी प्रकार की अन्य गतिविधियों के चलते लगभग 4 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ये दिल्ली के व्यापारियों का फेस्टिव सीजन है, जब पूरे साल की सेल एक तरफ होती है और अक्टूबर से लेकर जनवरी तक की सेल एक तरफ होती है। ऐसे में राहुल गांधी का फिर एक रैली करना निश्चित रूप से हमारे व्यापार को प्रभावित करेगा और व्यापारियों को नुकसान पहुंचाएगा।"
वहीं, न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि दिल्ली के व्यापारी पिछले कई महीनों से कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जुलाई से ही लगातार विभिन्न कारणों से बाजारों पर असर पड़ा है और अब जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शन स्थल को लेकर भी विवाद बना हुआ है। भार्गव ने कहा कि कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों द्वारा 1 नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर व्यापारियों की चिंता स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा, "हम सभी राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों से विनम्र आग्रह करते हैं कि दिवाली तक कोई ऐसा आयोजन न करें जिससे बाजारों पर असर पड़े। हम इस समय ग्राहकों की आवाजाही वापस लाने और पहले हुए नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं। त्योहारी सीजन के लिए हमने पहले ही निवेश किया है और अगले चार महीने हमारे लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी समय हैं।"
इस बीच, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को 10 नवंबर के बाद आयोजित करने का अनुरोध किया है।
सीटीआई ने इसके पीछे दिवाली के दौरान व्यापार के सबसे व्यस्त सीजन का हवाला दिया है।
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि इस रैली की वजह से 3-4 दिनों तक कारोबार बाधित हो सकता है और इससे 10,000 करोड़ रुपए तक के व्यापार पर असर पड़ सकता है। रैली स्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 बड़े थोक और खुदरा बाजार मौजूद हैं।
सीटीआई ने बताया कि अक्टूबर में रैलियों और सड़कें बंद होने की वजह से दिल्ली के व्यापारियों को पहले ही लगभग 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।
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