टीआरबी भर्ती घोटाले में ईडी का एक्शन, तमिलनाडु के 21 ठिकानों पर छापेमारी
चेन्नई, 25 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चेन्नई स्थित जोनल ऑफिस ने चेन्नई, मदुरै, त्रिची और कोयंबटूर में 21 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002' के तहत की गई। यह मामला 2017 में टीचर्स रिक्रूटमेंट बोर्ड (टीआरबी) द्वारा सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर भर्ती परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट में छेड़छाड़ से जुड़ा है।
ईडी ने तमिलनाडु पुलिस द्वारा 2017 में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि टीआरबी में परीक्षा के बाद स्कैनिंग के दौरान आरोपियों ने स्कैन की गई तस्वीरों में डिजिटल रूप से बदलाव किया और फाइनल आंसर की के मुकाबले कुछ चुने हुए उम्मीदवारों के नंबर बढ़ा दिए।
आरोपियों ने उन्हीं चुने हुए उम्मीदवारों के नाम वाली 385 अतिरिक्त सेकेंडरी ओएमआर शीट का इंतजाम किया था। इसके परिणाम स्वरुप 262 अयोग्य उम्मीदवारों को धोखाधड़ी से पॉलिटेक्निक लेक्चरर के पद के लिए योग्य दिखाया गया। बाद में सार्वजनिक याचिकाओं के जरिए इस हेरफेर का पता चला, जिसके बाद दोबारा मूल्यांकन हुआ, नतीजा वापस लिया गया और मामला दर्ज किया गया। इस मामले में तमिलनाडु पुलिस ने पहली चार्जशीट 2021 में और दूसरी चार्जशीट अक्टूबर 2023 में दाखिल की थी।
ईडी की जांच से पता चला कि वी सुब्रमण्यम और उनके सहयोगी सुरेश पॉल की अगुवाई में आरोपियों ने डेटाटेक के टेक्निकल स्टाफ (शेख दाऊद नासर और आई रघुपति) की मदद से 2017 में परीक्षा प्रक्रिया में छेड़छाड़ की साजिश रची थी। एजेंटों और बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए उन्होंने इच्छुक उम्मीदवारों को निशाना बनाया और नकद में 14-16 लाख रुपए जमा किए।
इस तरह जमा किए गए नकद को 'म्यूल अकाउंट्स' और प्रॉक्सी फर्मों (ट्रस्ट एंटरप्राइजेज, विजडम एंटरप्राइजेज और सूर्यम एंटरप्राइजेज) और सहयोगियों व परिवार के सदस्यों के खातों के जरिए घुमाया गया और बाद में अचल संपत्ति और गहनों में बदल दिया गया।
ईडी की तलाशी का मकसद इस घोटाले से जुड़ी 'अपराध से हुई कमाई' का पता लगाना था। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक चीजें जब्त की गईं, जिनमें एजेंट/आरोपियों द्वारा इकट्ठा किए गए कैश का रिकॉर्ड, अलग-अलग सरकारी परीक्षाओं की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी, उम्मीदवारों के अलग-अलग सर्टिफिकेट की कॉपी और डिजिटल सबूत वगैरह शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त 13.18 लाख रुपए कैश जब्त किया गया। 56 बैंक अकाउंट और 2 डीमैट अकाउंट फ्रीज कर दिए गए। आरोपियों और उनके साथियों के नाम पर मौजूद 36 अचल संपत्तियों की जानकारी/दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी गाइडेंस वैल्यू लगभग 9.67 करोड़ रुपए है। इन संपत्तियों की मार्केट वैल्यू 20 करोड़ रुपए से ज्यादा होगी। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।
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Created On :   25 Jun 2026 3:26 PM IST












