उत्तर प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

उत्तर प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में भारी बारिश की संभावना
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और कमजोर मानसून गतिविधियों के बीच मौसम विभाग ने राहत भरा पूर्वानुमान जारी किया है। 17 जुलाई के बाद प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इसके चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलेगी।

लखनऊ, 17 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और कमजोर मानसून गतिविधियों के बीच मौसम विभाग ने राहत भरा पूर्वानुमान जारी किया है। 17 जुलाई के बाद प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इसके चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलेगी।

मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब आगे बढ़कर ओडिशा और झारखंड के आसपास केंद्रित हो गया है। यह सिस्टम आने वाले समय में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ की स्थिति में बदलाव आएगा और यह अधिक सक्रिय होगी।

उन्होंने बताया कि इस मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह बढ़ेगा। इससे वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ेगी और मानसून गतिविधियां तेज होंगी। अभी तक प्रदेश में गरज-चमक और वज्रपात के साथ कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो रही थी, लेकिन 17 जुलाई से इसमें बढ़ोतरी होने की संभावना है।

अतुल कुमार सिंह के अनुसार, सबसे पहले प्रदेश के तराई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर शुरू होगा। इसके बाद 19 जुलाई से पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश भी देखने को मिल सकती है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

उन्होंने बताया कि 20 और 21 जुलाई को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इस दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। हालांकि, इसके बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने लगेगी, लेकिन पूरे प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि अगले चरण में बहुत भारी बारिश की गतिविधियां कम होकर तराई क्षेत्रों में भारी बारिश तक सीमित रह सकती हैं। वहीं, प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरी स्थिति बनी हुई है। हालांकि, मानसून सक्रिय होने के बाद तापमान में प्रभावी गिरावट आएगी और लोगों को उमस वाली गर्मी से राहत मिलेगी। बारिश के साथ ही गरज-चमक और वज्रपात की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए कई क्षेत्रों के लिए येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

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Created On :   17 July 2026 2:56 PM IST

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