वीआईपी टूर पर सीएसए हेडक्वार्टर पहुंचा नासा का 'खिलौना', देखें जीरो ग्रैविटी इंडिकेटर 'राइज' का शेड्यूल

वीआईपी टूर पर सीएसए हेडक्वार्टर पहुंचा नासा का खिलौना, देखें जीरो ग्रैविटी इंडिकेटर राइज का शेड्यूल
नासा के आर्टेमिस II मिशन का जीरो-ग्रेविटी इंडिकेटर और आधिकारिक मैस्कॉट 'राइज' अब कनेडियन स्पेस एजेंसी (सीएसए) के मुख्यालय पहुंच चुका है। सीएसए ने सोशल मीडिया पर खास वीडियो पोस्ट कर 'राइज' का शेड्यूल भी बताया।

नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। नासा के आर्टेमिस II मिशन का जीरो-ग्रेविटी इंडिकेटर और आधिकारिक मैस्कॉट 'राइज' अब कनेडियन स्पेस एजेंसी (सीएसए) के मुख्यालय पहुंच चुका है। सीएसए ने सोशल मीडिया पर खास वीडियो पोस्ट कर 'राइज' का शेड्यूल भी बताया।

अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर राइज के खास वीआईपी टूर के वीडियो को पोस्ट करते हुए एजेंसी ने राइज को टीम का आधिकारिक सदस्य बताते हुए लिखा, “एक ऐसा वीआईपी टूर जैसा कोई और नहीं!” आर्टेमिस II मिशन पूरा करने के बाद राइज, क्रू सदस्यों के साथ कनाडा की यात्रा पर निकला है। सीएसए मुख्यालय में इसका स्वागत बड़े उत्साह से किया गया।

राइज ने अपना दौरा मुख्य द्वार से शुरू किया, जहां उसने कनाडाआर्म 2 रोबोटिक आर्म के मॉडल की तारीफ की। इसके बाद उसने रोबोटिक्स मिशन कंट्रोल रूम और अंतरिक्ष यात्रियों के ट्रेनिंग सेंटर को देखा। ट्रेनिंग जिम में पहुंचकर राइज ने हल्का-फुल्का वर्कआउट भी किया। दिन के अंत में यह छोटा सा मैस्कॉट लाइब्रेरी में पहुंचा, जहां उसे नई प्रेरणा मिली।

बता दें, राइज एक जीरो-ग्रैविटी इंडिकेटर है। अंतरिक्ष यात्री इसे कैप्सूल के साथ ले जाते हैं ताकि यह पता चल सके कि स्पेसक्राफ्ट कब पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकलकर अंतरिक्ष में पहुंच गया है। जब राइज हवा में तैरने लगता है, तो समझा जाता है कि अब शून्य गुरुत्वाकर्षण शुरू हो गया है। यह सिर्फ एक खिलौना नहीं है। राइज के अंदर एक एसडी कार्ड रखा गया था, जिसमें दुनिया भर के 56,47,889 लोगों के नाम रिकॉर्ड थे। ये नाम ‘सेंड योर नेम विद आर्टेमिस’ अभियान के तहत इकट्ठा किए गए थे।

राइज का डिजाइन कैलिफोर्निया के 8 वर्षीय छात्र लुकास ने बनाया था। नासा के ‘मून मैस्कॉट डिजाइन चैलेंज’ में 50 से अधिक देशों से 2,600 से ज्यादा एंट्रीज आई थीं, जिनमें लुकास की डिजाइन चुनी गई। यह डिजाइन अपोलो-8 मिशन के ‘अर्थराइज’ को समर्पित है। राइज को नासा के गॉडर्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में विशेष रूप से बनाया गया है। यह बहुत हल्का और मुलायम है, ताकि आसानी से अंतरिक्ष में तैर सके।

आर्टेमिस II मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन राइज को चंद्रमा की यात्रा पर अपने साथ ले गए थे।

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Created On :   16 May 2026 11:20 AM IST

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