विपक्षी नेताओं को देश की महिलाओं से कोई मतलब नहीं सीएम रेखा गुप्ता

विपक्षी नेताओं को देश की महिलाओं से कोई मतलब नहीं  सीएम रेखा गुप्ता
महिला आरक्षण संशोधन बिल (131वां संशोधन विधेयक) खारिज होने को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले से ही तय कर रखा था कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं तक कभी नहीं पहुंचने दिया जाएगा।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण संशोधन बिल (131वां संशोधन विधेयक) खारिज होने को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले से ही तय कर रखा था कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं तक कभी नहीं पहुंचने दिया जाएगा।

रेखा गुप्ता ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया। इन लोगों ने तय कर रखा था कि किसी भी हालत में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा तक नहीं पहुंचने देंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार अलग-अलग बहाने बनाता रहा, कभी जाति के आधार पर आरक्षण की बात, कभी धर्म के आधार पर, तो कभी सीटों की संख्या को लेकर सवाल उठाए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी 543 सीटों की बात की गई, कभी 850 सीटों की, कभी परिसीमन (डिलिमिटेशन) को मुद्दा बनाया गया। लेकिन सच्चाई यही है कि ये लोग नहीं चाहते कि देश की आधी आबादी, करीब 70 करोड़ महिलाएं, सदन तक पहुंचें।

सीएम रेखा गुप्ता ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि इनको सिर्फ अपने घर की महिलाएं ही अच्छी लगती हैं। अखिलेश यादव को डिंपल यादव और राहुल गांधी को सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ही नजर आती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा था कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर भी राजनीति की।

सीटों की संख्या को लेकर उन्होंने 1971 का उदाहरण देते हुए कहा, "1971 में जब 543 सीटें तय हुई थीं, तब देश की आबादी करीब 50-55 करोड़ थी। आज आबादी 140 करोड़ हो चुकी है, तो क्या सीटें नहीं बढ़नी चाहिए?"

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ नेता अपने क्षेत्रों में 'राजा' बनकर बैठे हैं और नहीं चाहते कि सीटें बढ़ें, क्योंकि इससे नए प्रतिनिधियों, खासकर महिलाओं को मौका मिल सकता है।

रेखा गुप्ता ने कहा कि दुनिया के कई देशों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 40 से 50 प्रतिशत तक है, लेकिन भारत में महिलाओं को आगे आने से रोका जा रहा है। उन्होंने इसे 'महिला विरोधी चेहरा' बताया।

उन्होंने चेतावनी दी कि जब विपक्षी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जाएंगे, तो महिलाएं उनसे सवाल करेंगी कि उन्होंने महिला आरक्षण बिल का समर्थन क्यों नहीं किया। हर महिला जवाब मांगेगी कि ऐसा क्यों किया गया।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाएं अपने अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। हम महिलाएं अपना हक लेकर रहेंगी।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   18 April 2026 12:07 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story