विशाखापत्तनम जासूसी मामला एनआईए ने महाराष्ट्र के पनवेल से एक शख्स को हिरासत में लिया, पूछताछ जारी

विशाखापत्तनम जासूसी मामला एनआईए ने महाराष्ट्र के पनवेल से एक शख्स को हिरासत में लिया, पूछताछ जारी
विशाखापत्तनम जासूसी से जुड़े मामले में नवी मुंबई में एनआईए की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी है। पनवेल में छापेमारी कर एनआईए ने एक शख्स को हिरासत में लिया है। एनआईए की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।

मुंबई, 8 जुलाई (आईएएनएस)। विशाखापत्तनम जासूसी से जुड़े मामले में नवी मुंबई में एनआईए की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी है। पनवेल में छापेमारी कर एनआईए ने एक शख्स को हिरासत में लिया है। एनआईए की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।

कुछ महीने पहले विशाखापत्तनम की लोकल पुलिस की ओर से 12 आरोपियों को आतंकी संगठन अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट से कथित संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार 12 आरोपियों में से एक का संबंध पनवेल से था। उससे पूछताछ के दौरान इस मामले में कथित रूप से शामिल दो और शख्स का नाम सामने आया है।

जिसके बाद एनआईए ने पनवेल में लोकल पुलिस की मदद से छापेमारी की और एक शख्स को हिरासत में लिया, और दूसरे शख्स की तलाश जारी है। हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ जारी है।

इससे पहले 15 दिसंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक स्पेशल कोर्ट ने पाकिस्तान से जुड़े विशाखापत्तनम नेवी जासूसी मामले में दो और आरोपियों को सजा सुनाई थी। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल जासूसी मामले में कुल 10 आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि शेष पांच आरोपियों के खिलाफ अभी मुकदमा चल रहा है।

एनआईए स्पेशल कोर्ट ने जिन दो आरोपियों को सजा सुनाई थी, उनमें महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी सोमनाथ संजय इकाडे और उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के रहने वाले सोनू कुमार शामिल है। एनआईए ने सोमनाथ संजय इकाडे को दिसंबर 2019 में कर्नाटक के कारवार से, जबकि सोनू कुमार को उसी महीने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से गिरफ्तार किया था।

कोर्ट ने दोनों आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3 के तहत दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 5 साल, 11 महीने और 15 दिन की साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों पर 5,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया था। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपियों को एक साल की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।

यह मामला भारतीय नौसेना के संवेदनशील ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की जासूसी से जुड़ा है, जिसमें विदेशी एजेंटों और जासूसों की संलिप्तता सामने आई थी। एनआईए ने यह मामला दिसंबर 2019 में आंध्र प्रदेश पुलिस के इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस स्टेशन, विजयवाड़ा से अपने हाथ में लिया था।

जांच के दौरान, जून 2020 में एनआईए ने कुल 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद मार्च 2021 में एक अन्य आरोपी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की गई। एनआईए की ओर से दर्ज मामला अब भी जांच और ट्रायल की प्रक्रिया में है।

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Created On :   8 July 2026 3:41 PM IST

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