विंबलडन अनिसिमोवा और प्लिस्कोवा की आसान जीत, दूसरे राउंड में जगह बनाई

विंबलडन अनिसिमोवा और प्लिस्कोवा की आसान जीत, दूसरे राउंड में जगह बनाई
विंबलडन 2026 में मंगलवार को अमांडा अनिसिमोवा और कैरोलिना प्लिस्कोवा ने सीधे सेटों में जीत हासिल करके ऑल इंग्लैंड क्लब में दूसरे राउंड में जगह बनाई। छठी वरीयता प्राप्त अनिसिमोवा को नॉर्थ मैसेडोनिया की लीना ग्योर्चेस्का को 6-3, 6-2 से हराने में एक घंटे से थोड़ा अधिक समय लगा, जबकि प्लिस्कोवा ने वैलेंटोवा को एक घंटे 15 मिनट में 6-3, 6-4 से हराकर 2022 के बाद अपनी पहली विंबलडन मेन-ड्रॉ जीत हासिल की।

लंदन, 30 जून (आईएएनएस)। विंबलडन 2026 में मंगलवार को अमांडा अनिसिमोवा और कैरोलिना प्लिस्कोवा ने सीधे सेटों में जीत हासिल करके ऑल इंग्लैंड क्लब में दूसरे राउंड में जगह बनाई। छठी वरीयता प्राप्त अनिसिमोवा को नॉर्थ मैसेडोनिया की लीना ग्योर्चेस्का को 6-3, 6-2 से हराने में एक घंटे से थोड़ा अधिक समय लगा, जबकि प्लिस्कोवा ने वैलेंटोवा को एक घंटे 15 मिनट में 6-3, 6-4 से हराकर 2022 के बाद अपनी पहली विंबलडन मेन-ड्रॉ जीत हासिल की।

पिछले साल की रनर-अप अनिसिमोवा के लिए, पहले राउंड का यह मुकाबला पिछले साल इगा स्वियातेक से चैंपियनशिप मैच में मिली दिल तोड़ने वाली हार के बाद एक नई शुरुआत जैसा था। अमेरिकी खिलाड़ी पहले गेम से ही पूरी तरह सहज दिखीं। उन्होंने अपने खास बेसलाइन पावर के साथ रैलियों पर दबदबा बनाए रखा, 17 विनर्स लगाए और अपनी पहली सर्विस पर 83 प्रतिशत अंक जीते। अनिसिमोवा को पूरे मैच में एक भी ब्रेक प्वाइंट का सामना नहीं करना पड़ा और उन्होंने अपने चार ब्रेक-प्वाइंट मौकों में से तीन को भुनाते हुए सिर्फ 61 मिनट में जीत सुनिश्चित कर ली।

भले ही 31 वर्षीय लीना ग्योर्चेस्का इस मुकाबले को गंवा बैठीं, लेकिन वह नॉर्थ मैसेडोनिया की पहली ऐसी खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने क्वालीफाइंग टूर्नामेंट से आगे बढ़कर विंबलडन सिंगल्स मेन ड्रॉ में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने अपने करियर की पहली प्रोफेशनल ग्रास-कोर्ट जीत दर्ज की थी। हालांकि, दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों में से एक का सामना करना उनके लिए बहुत बड़ी चुनौती साबित हुई। आठ डबल फॉल्ट और 41 प्रतिशत फर्स्ट-सर्व प्रतिशत के कारण ग्योर्चेस्का उस प्रतिद्वंद्वी पर दबाव नहीं बना सकीं, जिसने शायद ही कोई मौका दिया हो।

दूसरी ओर, पूर्व फाइनलिस्ट प्लिस्कोवा ने अपने ही देश की खिलाड़ियों के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड बनाए रखा और चेक गणराज्य के खिलाड़ियों के विरुद्ध अपने करियर का रिकॉर्ड 46-26 कर लिया।

इस मुकाबले का नतीजा बहुत मामूली अंतर से तय हुआ। हर सेट में सिर्फ एक सर्विस ब्रेक ही निर्णायक साबित हुआ, जिसमें प्लिस्कोवा ने दोनों बार आठवें गेम में बढ़त बनाई। उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती पहले सेट के बीच में आई, जब स्कोर 3-3 से बराबरी पर था और वैलेंटोवा ने अपना एकमात्र ब्रेक प्वाइंट हासिल किया।

प्लिस्कोवा ने एक जबरदस्त फोरहैंड विनर के साथ खतरा टाला और तुरंत मैच का रुख अपनी ओर मोड़ लिया। उन्होंने पहले सेट के आखिरी तीन गेम जीते और दूसरे सेट में भी शानदार खेल दिखाया, जिसमें आखिरी 13 में से 12 प्वाइंट जीतकर अपनी युवा प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका दिए बिना मैच अपने नाम कर लिया। यह प्लिस्कोवा की विंबलडन मेन-ड्रॉ में 19वीं जीत थी और चार साल में चैंपियनशिप में उनकी पहली जीत थी।

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Created On :   30 Jun 2026 7:14 PM IST

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