'यहां तक पहुंचने में काफी समय लगा, मुझे अपनी मेहनत पर भरोसा था', 9 साल बाद वनडे में शतक लगाने पर बोलीं दीप्ति

यहां तक पहुंचने में काफी समय लगा, मुझे अपनी मेहनत पर भरोसा था, 9 साल बाद वनडे में शतक लगाने पर बोलीं दीप्ति
भारत की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने कहा कि अपने दूसरे वनडे शतक के लिए 9 साल लंबे इंतजार के दौरान उन्होंने अपनी मेहनत पर भरोसा कभी नहीं छोड़ा। यह इंतजार तब खत्म हुआ जब उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में नाबाद 106 रन बनाए, जिसके दम पर भारतीय टीम ने 121 रनों की बड़ी जीत हासिल की।

वडोदरा, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने कहा कि अपने दूसरे वनडे शतक के लिए 9 साल लंबे इंतजार के दौरान उन्होंने अपनी मेहनत पर भरोसा कभी नहीं छोड़ा। यह इंतजार तब खत्म हुआ जब उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में नाबाद 106 रन बनाए, जिसके दम पर भारतीय टीम ने 121 रनों की बड़ी जीत हासिल की।

रविवार को वडोदरा के बीसीए क्रिकेट स्टेडियम में दीप्ति ने 86 गेंदों का सामना करते हुए 106 रनों की नाबाद पारी खेली। यह दीप्ति के वनडे करियर का दूसरा शतक रहा। उन्होंने अपना पहला एकदिवसीय शतक मई 2017 में लगाया था। इस फॉर्मेट में उनके दो शतकों के बीच 9 साल और पांच महीने यानी 3,450 दिनों का अंतर रहा। सोमवार को आईसीसी के हवाले से दीप्ति ने कहा, "मैंने बहुत कोशिश की लेकिन यहां तक ​​पहुंचने में काफी समय लग गया। हालांकि, मुझे अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा था कि देर-सवेर मैं (एक और शतक) तक जरूर पहुंच पाओगी।"

15 बाउंड्री लगाने वाली दीप्ति को पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर का अच्छा साथ मिला और दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 153 रन जोड़े। अपनी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी से तीन विकेट लेने वाली दीप्ति ने कहा कि उनका मुख्य ध्यान शतक बनाने के बजाय एक अच्छी साझेदारी बनाने पर था।

दीप्ति ने कहा, "मेरे दिमाग में 100 से ज्यादा रन बनाने की बात थी। उस स्थिति में हम कैसे एक साझेदारी बना सकते हैं? यही मेरी सोच थी।जाहिर है कि 100 रन बनाना खास होता है। इतने लंबे समय बाद इस मुकाम तक पहुंचकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं शुक्रगुजार हूं कि मैं वडोदरा के मैदान पर यह उपलब्धि हासिल कर सकी।"

लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन टीम की पारी बीच के ओवरों में बुरी तरह से लड़खड़ा गई और पूरी टीम 207 रन बनाकर ऑलआउट हुई। दीप्ति ने विपक्षी टीम की तारीफ करते हुए उनके प्रयासों को सराहा। भारतीय ऑलराउंडर ने कहा, “उन्होंने पहले वनडे में भी अच्छा खेला। उनकी टीम में अच्छी बल्लेबाज भी हैं। हम यह नहीं कह सकते कि वह कोई कमजोर टीम हैं या उनका खेलने का तरीका अलग है। हालांकि, उन्होंने हमें कड़ी टक्कर दी। हमें पता था कि हमारी गेंदबाजी इकाई के दम पर हम उन्हें आउट कर सकते हैं। हमारी सोच यही थी। मुझे लगता है कि सभी गेंदबाजों ने अच्छा काम किया। असल में पूरी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।"

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