सत्ता... संगठन...और संतुलन: मोदी 3.0 के दो साल पूरे होने पर हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार, पीएम मोदी पहले ही ले चुके हैं मंत्रियों के काम का रिपोर्ट कार्ड

डिजिटल डेस्क, भोपाल। संसद के मानसून सत्र शुरु होने से पहले मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल होने की उम्मीद है। पीएम मोदी ने 21 मई को अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा से लौटने के बाद नए पीएम ऑफिस सेवा तीर्थ में मंत्रियों की समीक्षा मीटिंग की। इस बैठक के बाद से मोदी 3 सरकार के पहले बड़े कैबिनेट बदलाव की अटकलें तेज हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी कुछ दिनों में अपने मंत्रियों से अलग अलग भी चर्चा कर सकते हैं।
आपको बता दें पीएम मोदी ने 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत की थी। 9 जून को तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो रहे हैं, लेकिन अभी तक मोदी मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल और विस्तार नहीं हुआ है। जबकि संसद के मानसून सत्र की शुरुआत जुलाई के तीसरे सप्ताह से पहले होने की परंपरा है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी इस समय में कैबिनेट फेरबदल हुआ था।
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प्रधानमंत्री मोदी ने 21 मई की मंत्रियों की मीटिंग में विभिन्न मंत्रालयों के पिछले दो सालों के कामकाज की समीक्षा की गई। केंद्र सरकार और बीजेपी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में हुई समीक्षा के आधार पर कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं। जबकि अच्छा प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों की भूमिका बढ़ सकती है।
आपको बता दें पीएम मोदी की भले ही ये मीटिंग 21 मई को हुई, लेकिन उन्होंने इसकी पटकथा 24 फरवरी 2026 को लिख दी थी। क्योंकि नए प्रधानमंत्री कार्यालय यानी सेवा तीर्थ में पहली बार कैबिनेट मीटिंग 24 फरवरी को हुई थी, इस मीटिंग में पीएम मोदी ने अपने सभी मंत्रियों से 2024 से अब तक पूरे दो साल में किए गए सुधार कार्यों की रिपोर्ट मांगी। इसकी रिपोर्ट सभी मंत्रियों को कैबिनेट सचिवालय में 2 मार्च तक देनी थी। जिस पर 21 मई को चर्चा हुई।
आपको बता दें पीएम मोदी ने इसी तरह से अपनी दूसरे कार्यकाल के दौरान भी 2021 में दो साल पूरे होने के बाद सभी मंत्रियों से रिपोर्ट कार्ड मांगा, इसके बाद जुलाई 2021 में मंत्रिमंडल में विस्तार और बदलाव हुआ था। तब कई मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया था।
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अनुमान लगाया जा रहा है कि समीक्षा के आधार पर पीएम मोदी अपनी कैबिनेट बैठक में महिलाओं और युवा चेहरों को मौका दे सकते है। साथ ही मंत्रालयों का नया बंटवारा भी हो सकता है। आगामी साल 2027 में सात राज्यों गुजरात, उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड , गोवा ,मणिपुर और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है। इन राज्यों के चुनावों को देखते हुए जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए मोदी कैबिनेट में इन राज्यों के नए चेहरों को प्रमुखता से जगह मिल सकती है। असम, बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद वहां के नेताओं को शामिल कर राज्यों को सरप्राइज दिया जा सकता है। नीतीश कुमार को कैबिनेट में जगह मिल सकती है, यदि नीतीश कुमार को इस कैबिनेट विस्तार में जगह नहीं मिली तो आगामी राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें एनडीए की ओर से प्रेसिडेंट कैंडिडेट घोषित किया जा सकता है।
बीजेपी मोदी कैबिनेट में फेरबदल कर एनडीए गुट में शामिल दल जेडीयू, और टीडीपी के बैलेंस करने के साथ अपने संगठन में वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारी देकर युवा और वरिष्ठ के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश में है। आपको बता दें हाल ही बीजेपी ने 45 वर्षीय नीतिन नवीन को अध्यक्ष बनाकर पार्टी की कमान सौंपी थी। अब पार्टी अनुभवी चेहरों को संगठन की अहम जिम्मेदारी देकर 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में है।
Created On :   23 May 2026 4:39 PM IST








