MP News: हाउसिंग बोर्ड की प्रॉपर्टी में खत्म होगा सांसदों-विधायकों का कोटा? कुछ ही दिन में बोर्ड ले सकता है फैसला

हाउसिंग बोर्ड की प्रॉपर्टी में खत्म होगा सांसदों-विधायकों का कोटा? कुछ ही दिन में बोर्ड ले सकता है फैसला
मध्य प्रदेश हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आरक्षण के गलत इस्तेमाल की शिकायतों को आधार बनाकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड की प्रॉपर्टी में सांसदों, विधायकों को मिलने वाले आरक्षण कोटा खत्म हो सकता है, जल्द ही इस संबंध में बोर्ड बड़ा फैसला ले सकता है। बोर्ड के इस फैसले को लेकर जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी देखने को मिल सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बोर्ड मीडियाकर्मियों को मिलने वाले आरक्षित कोटे पर कैंची चलाने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड ने ये डिसीजन सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के पालन में लेने जा रहा है। हाल ही में हाउसिंग बोर्ड की संचालक मंडल की एक मीटिंग में इस संबंध में चर्चा हुई। इस संबंध में भास्कर हिंदी से बातचीत करते हुए हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर गौतम सिंह से बताया कि इस संबंध में प्रक्रिया प्रोसीडिंग जारी है। उन्होंने कुछ ही दिन में आदेश आने की बात कही।

आपको बता दें तमिलनाडु के एक व्यक्ति ने सरकारी एजेंसियों के प्रोजेक्ट में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाले आरक्षण को लेकर सर्वोच्च अदालत में पिटीशन लगाई थी। इसकी सुनवाई करते हुए सुको ने कहा विशेष अधिकार क्यों दिया जा रहा है। पक्ष-विपक्ष की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रिविलेज को खत्म करने का आदेश दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में सांसद और विधायकों का सरकारी प्रोजेक्ट में मिलने वाले आरक्षण को खत्म करने का आदेश दिया, इसी आधार पर मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने फैसला लिया है। दूसरी तरफ कई प्रभावशाली व्यक्ति हाउसिंग बोर्ड के प्रोजेक्ट में आरक्षित कोटे के अंतर्गत मकानों को बुकिंग कर देते और कुछ समय बाद उसे अधिक रेट में दूसरों को बेच देते। इससे आरक्षण प्रावधान और उसका उद्देश्य गलत साबित हो रहा था। जिसकी शिकायत समय समय पर वरिष्ठ स्तर तक पहुंच रही थी।

आपको बता दें हाउसिंग बोर्ड EWS और LIG श्रेणी के फ्लैट और स्वतंत्र डुप्लेक्स का निर्माण करता है। अब तक सभी हाउसिंग प्रोजेक्ट में सांसदों-विधायकों का एक आरक्षित कोटा रहता था और पत्रकारों को भी 3 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलता था। बोर्ड अब जनप्रतिनिधियों का कोटा खत्म करने की तैयारी में है जबकि पत्रकारों के आरक्षण को मिलने वाले आरक्षण को EWS और LIG आवासों तक सीमित करने की बात सामने आ रही है। हालांकि बोर्ड इन कोटे को खत्म कर मीसाबंदी के लिए कोटा बढ़ाने के मूड में है। जबकि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को पहले से ही 4 फीसदी आरक्षण मिलता है, बोर्ड इसमें लोकतंत्र सेनानियों को भी शामिल कर सकता है।

Created On :   23 May 2026 5:09 PM IST

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