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मप्र: विधायकों की खरीद-फरोख्त पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

मप्र: विधायकों की खरीद-फरोख्त पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा के चुनाव से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों से सियासत को गर्मा दिया है। कांग्रेस ने सीधे तौर पर भाजपा पर विधायकों को खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाया है तो भाजपा इसे कांग्रेस की अंदरूनी खटपट का हिस्सा बता रही है। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाने के बाद एक और बड़ा आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि भाजपा ने मप्र के कांग्रेस, बसपा, समाजवादी विधायकों को दिल्ली लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बसपा की विधायक रामबाई को क्या भाजपा के पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह कल चार्टर फ्लाइट में भोपाल से दिल्ली नहीं ले गए? इस पर शिवराज जी कुछ कहना चाहेंगे? सिंह ने रामबाई पर भरोसा जताते हुए लिखा है, लेकिन हमें रामबाई पर पूरा भरोसा है, वे सीएम कमलनाथ की प्रशंसक हैं और उनका समर्थन करती रहेंगी।

वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री के आरोप पर सहमति जाते हुए कहा कि उन्हें पता चला है कि विधायकों को पैसे देने की बात सामने आई है। मैंने तो विधायकों से कहा है कि यह फोकट का पैसा है, ले लेना।

सिंधिया ने जानकारी होने से किया इनकार
पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विधायकों की खरीद-फरोख्त की जानकारी ही होने से इनकार कर दिया। इतना जरूर कहा कि यह सरकार जनता के हितों के लिए काम करेगी।

भाजपा ने आरोपों को कांग्रेस की अंदरूनी खटपट बताया
भाजपा ने इन आरोपों को कांग्रेस की अंदरूनी खटपट का नतीजा बताया है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का कहना है कि इन आरोपों की कोई प्रामाणिकता नहीं है, दिग्विजय सिंह सिर्फ राज्यसभा में जाने के लिए हाईकमान पर प्रेशर बना रहे हैं, ये बता रहे हैं कि विधायक सिर्फ उनके पास हैं।

दिग्विजय ने 25 से 35 करोड़ रुपए देने का आरोप लगाया
दिग्विजय सिंह ने सोमवार को भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा पर मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के विधायकों को राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए 25 से 35 करोड़ रुपए देने का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि भगवा पार्टी पांच करोड़ रुपये एडवांस, जबकि शेष राशि कुछ हिस्सों में दे रही है।

मध्यप्रदेश में चल रही गठबंधन की सरकार 
राज्य में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं है। राज्य की 230 सीटों में से 228 विधायक हैं, दो सीटें खाली हैं। कांग्रेस के 114 और भाजपा के 107 विधायक हैं। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार निर्दलीय चार, बसपा के एक और सपा के दो विधायकों के समर्थन से चल रही है।
 

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