Kisan Mahapanchyat: करनाल में उमड़ा किसानों का सैलाब, सचिवालय घेराव के लिए बड़ी संख्या में निकले किसान

September 7th, 2021

हाईलाइट

  • करनाल में बड़ी संख्या में पहुंचे किसान

डिजिटल डेस्क, करनाल। हरियाणा के करनाल में किसान महापंचायत के लिए किसान बड़ी संख्या में उमड़े। प्रदर्शनकारी किसान अपने नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में सचिवालय का घेराव करने के लिए भी निकले। 28 अगस्त को किसानों पर हुई लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने महापंचायत आयोजित की है। हरियाणा के करनाल जिले में किसान महापंचायत हो रही है। किसान आंदोलन का चेहरा जहां राकेश टिकैत महापंचायत में पहुंच गये हैं। वहीं पुलिस ने पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त किए है। वहीं, करनाल में किसान महापंचायत के संदर्भ में ग्राउंड इंटेलिजेंस रिपोर्ट से संकेत मिला है कि लाठी, जेली, लोहे की रॉड से लैस कुछ तत्व रंभा, कुछ निसिंग से और कुछ अन्य स्थानों से अनाज मंडी पहुंचे हैं। पुलिस का दावा है कि उनकी ओर से अच्छे इरादे नहीं दिखते हैं।पुलिस और प्रशासन ने उन किसान नेताओं से बात की है, जिन्होंने ऐसे तत्वों को कार्यक्रम स्थल छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वे अपने नेताओं की एक नहीं सुन रहे हैं।

करनाल जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा ऐसे शरारती तत्वों को कानून हाथ में न लेने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी दी जा रही है। करनाल जिला प्रशासन ने पुलिस अलर्ट जारी किया है, कि ऐसे सभी तत्वों से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा। करनाल में धारा 144 लगा दी गई है और करनाल समेत आसपास के जिलों में इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया गया है। बता दें कि कार्यक्रम से एक दिन पहले प्रशासन ने करनाल में लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया करनाल के अलावा कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद और कैथल में भी इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। वहीं, हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है, ‘’प्रशासन के पुख़्ता बंदोबस्त हैं. किसी को भी क़ानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। हमारी किसान भाइयों से अपील भी है कि वो अपनी जनसभा करना चाहते हैं तो करें, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से करें’’।  करनाल पुलिस ने भी यही अपील की है।

आज किसानों के प्रदर्शन करने की वजह 

बता दें कि हरियाणा पुलिस ने 28 अगस्त को बीजेपी की एक बैठक में जा रहे नेताओं का विरोध करते हुए एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कथित तौर पर यातायात बाधित करने वाले किसानों के एक समूह पर लाठीचार्ज किया था। इसमें 10 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। किसान नेता राकेश टिकैत ने हरियाणा सरकार की इस कार्रवाई को तालिबानी करार दिया था। राकेश टिकैत ने आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा के खिलाफ निलंबन की मांग की थी। एसडीएस आयुष सिन्हा का कथित तौर पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बोले रहे थे, यहां से कोई आगे नहीं जाना चाहिए। स्पष्ट कर रहा हूं जो जाए उसका सिर फोड़ दो, मैं ड्यूटी मजिस्ट्रेट हूं। लिख कर दे रहा हूं।  पुलिस वाले-हां, सर। इसके बाद हरियाणा सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। सोशल मीडिया पर एसडीएम  के खिलाफ लोगों का काफी गुस्सा दिखा। बाद में हरियाणा सरकार ने बुधवार को करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा सहित 19 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया था।