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एशियन गेम्स: अरपिंदर का गोल्डन जंप, 48 साल बाद ट्रिपल जंप में भारत को दिलाया सोना

August 30th, 2018 11:47 IST

हाईलाइट

  • एशियन गेम्स में भारत को अपना 10वां गोल्ड मिल गया है।
  • मेन्स ट्रिपल जंप में अरपिंदर सिंह गोल्ड जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
  • यह भारत का 11वें दिन का पहला गोल्ड है।

डिजिटल डेस्क, जकार्ता। मेन्स ट्रिपल जंप में अरपिंदर सिंह गोल्ड जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। यह भारत का 11वें दिन का पहला गोल्ड है। अरपिंदर ने छह प्रयासों में 16.77मी के बेस्ट जंप के साथ यह मेडल जीता। एशियन गेम्स के मेन्स ट्रिपल जंप इवेंट में यह भारत का 48 सालों में पहला गोल्ड है। इससे पहले मोहिंदर सिंह गिल ने 1970 एशियन गेम्स में 16.11 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ गोल्ड जीता था। भारत के पास अब 11 गोल्ड, 20 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज के साथ कुल 54 मेडल्स हैं। इसी के साथ भारत मेडल्स टैली में 9वें स्थान पर पहुंच गया है।

अरपिंदर अपने पहले जंप में फाउल करार दिए गए। हालांकि इसके बाद उन्होंने तीन फेयर जंप किए। तीसरे जंप में उन्होंने 16.77 मीटर के निशान को छू लिया, जो कि बाकी प्रतिभागियों के मुकाबले सर्वश्रेष्ठ थी। इसके अलावा उन्होंने अपने चौथे और पांचवें जंप में 16.58 मीटर और 16.08 मीटर के मार्क को छुआ। वहीं उनके कुल तीन जंप फाउल रहे। उज्बेकिस्तान के रुस्लान कर्नोव ने 16.62 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ कूद के साथ सिल्वर जीता। जबकि कोहेई यामाशिता ने 16.46 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ ब्रॉन्ज मे़डल अपने नाम किया। अरपिंदर के अलावा भारत के ही राकेश विट्टल 16.40 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ चौथे स्थान पर रहे।

अरपिंदर सिंह का जन्म 30 दिसंबर,1992 को पंजाब के अमृतसर जिले के हर्षा छिना गांव में हुआ था। बचपन से ही उन्हें ट्रिपल जंप से लगाव रहा है। 21 वर्ष की उम्र में सिंह ने लखनऊ में आयोजित नेशनल इंटर स्टेट चैंपियनशिप के ट्रिपल जंप इवेंट में 17.17 मीटर छलांग लगाई थी। इस छलांग के साथ उन्होंने उस वक्त के नेशनल रिकॉर्ड को भी तोड़ा था और 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई किया था। 22 साल की उम्र में उन्होंने ग्लासगो 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके बाद सिंह ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उस वक्त तक वह ट्रिपल जंप इवेंट में देश के एक चर्चित चेहरा बन चुके थे।

सिंह ने 2016 रियो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन वह मेडल जीतने में कामयाब नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वालिफिकेशन राउंड में 16.61 मीटर के जंप के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई करने में सफल रहे। हालांकि वह यहां पर भी मेडल जीतने से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे। कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद उन्होंने एसएस पन्नू की कोचिंग में जमकर मेहनत की और एशियन गेम्स 2018 में गोल्ड जीतने में सफल रहे। 
 

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