comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

दो क्लबों के आईएसएल में जाने के बावजूद आई-लीग क्लबों में प्रेरणा की कमी नहीं

October 02nd, 2020 09:00 IST
दो क्लबों के आईएसएल में जाने के बावजूद आई-लीग क्लबों में प्रेरणा की कमी नहीं

हाईलाइट

  • दो क्लबों के आईएसएल में जाने के बावजूद आई-लीग क्लबों में प्रेरणा की कमी नहीं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के दो शीर्ष फुटबाल क्लबों-मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में शामिल होने पर उन्हें थोड़ा निराशा हो सकती है, लेकिन प्रतिस्पर्धा करने के लिए आई-लीग क्लबों के बीच प्रेरणा की कमी नहीं है। मोहन बागान की टीम पहले ही आईएसएल का हिस्सा बन चुकी है और वह एटीके के साथ जुड़ चुकी है। अब ईस्ट बंगाल की टीम भी आईएसएल से जुड़ गई है और वह इस बार लीग के सातवें सीजन में भाग लेगी।

आई-लीग क्लब गोकुलम एफसी के अध्यक्ष वीसी प्रवीण ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, मोहन बागान का आईएसएल से जुड़ना, मेरे लिए आश्चर्यजनक है क्योंकि वे एक ऐसी क्लब थी, जो हमेशा यह कहती थी कि आई-लीग को आईएसएल से ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए। लेकिन आईएसएल में खेलने के लिए अब वह एटीके से जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा, जहां तक ईस्ट-बंगाल का संबंध है, तो उनके पास पिछले साल एक अलग मालिक था, लेकिन इस साल स्वामित्व बदल गया है। मुझे नहीं पता कि आईएसएल में खेलने वाले ये क्लब, जो भी नाम के साथ, भारतीय फुटबॉल की मदद करने जा रहे हैं। मैं केवल इतना ही कह सकता हूं कि इन क्लबों के फुटबॉलरों को अब भारतीय टीम में चुने जाने का मौका मिलेगा।

रियल कश्मीर के सह-मालिक संदीप चट्टू का मानना है कि देश के दो शीर्ष फुटबाल क्लबों-मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के आईएसएल में शामिल होने से दूसरे क्लबों को सूर्खियों में आने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, मोहन बागान और ईस्ट बंगाल दोनों आईएसएल में चले गए हैं, हालांकि यह आई-लीग के लिए यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन साथ ही आई-लीग में अन्य क्लबों के लिए लाइमलाइट में आने एक बड़ा अवसर है। चट्टू ने कहा, उनके लिए अच्छा है, लेकिन आप देखते हैं कि इन क्लबों के आसपास एक आभा है और हम इन क्लबों के साथ खेलने के लिए तत्पर हैं। लेकिन यह दो साल की बात है और इसके बाद आईएसएल में भी प्रमोशन होगा।

मिनर्वा पंजाब एफसी के मालिक रंजीत बजाज का कहना है कि आईएसएल प्रबंधन हमेशा आई-लीग की तीन शीर्ष टीमों-ईस्ट बंगाल, मोहन बागान और बेंगलुरू एफसी को अपने साथ जोड़ना चाहती थी। उन्होंने कहा, बेंगलुरु कुछ साल पहले शामिल हुआ था और अब वे ईस्ट बंगाल और मोहन बागान को अपने साथ शामिल करने में सफल रहे हैं। वास्तव में ये वे टीमें थीं, जो अन्य आई-लीग क्लबों के खिलाफ खेलने के लिए हमेशा तत्पर रहती थीं। बजाज ने कहा, ये ऐसे क्लब थे जो दर्शकों को मैदान तक लेकर आए और टीवी दर्शकों की संख्या में इजाफा किया। लेकिन, केवल समय ही बताएगा कि आईएसएल जैसी बंद लीग भारतीय फुटबॉल को आगे आगे बढ़ाने में कैसे मदद करेगी।

कमेंट करें
6y0iQ
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।