MP News: 'देश संविधान से चलेगा..किसी एक विचारधारा से नहीं', UCC समेत अन्य कई मुद्दे को लेकर सरकार पर बरसे उमंग सिंघार

देश संविधान से चलेगा..किसी एक विचारधारा से नहीं, UCC समेत अन्य कई मुद्दे को लेकर सरकार पर बरसे उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समाज से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। सिंघार ने यूसीसी कमेटी बैठक को लेकर कहा कि यह संवेदनशील विषय है।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समाज से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। सिंघार ने यूसीसी कमेटी बैठक को लेकर कहा कि यह संवेदनशील विषय है। यूसीसी पर 4-5 लोग बंद कमरे में बैठकर फैसला नहीं कर सकते। यह देश संविधान से चलता है, किसी एक विचारधारा की मनमर्जी से नहीं। आम जनता, ओबीसी, दलित, आदिवासी समाज, विभिन्न धर्मों, सामाजिक संगठनों और संवैधानिक विशेषज्ञों की राय लेना बेहद आवश्यक है। भाजपा को समझना होगा कि विविधता इस देश की ताकत है, उसे खत्म करने का अधिकार किसी सरकार को नहीं है।

वहीं, महाकाल मंदिर को लेकर सिंघार ने आरोप लगाया कि आस्था, धर्म और महाकाल लोक तक को भाजपा ने जमीन कारोबार और भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया है। महाकाल मंदिर श्रद्धा का केंद्र हैं, भाजपा नेताओं की प्रॉपर्टी डील का नहीं। उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर की जमीन भाजपा विधायक को दिए जाने से जुड़े मामलों पर सिंघार ने कहा कि भाजपा जिस तरह महाकाल मंदिर के आसपास की जमीनों का अधिग्रहण करवा रही है और भाजपा से जुड़े लोग खरीद-फरोख्त में दिखाई दे रहे हैं, उसे देखकर डर लगता है। कहीं ऐसा ना हो कि एक दिन ये लोग महाकाल मंदिर को भी अपनी संपत्ति बताने लगें।

पेसा मोबिलाइजर्स को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ग्राम पंचायतों में कार्यरत पेसा मोबिलाइजर्स (प्रेरकों) की सेवाएं जारी रखने की मांग की। सेवाएं समाप्त करने से प्रदेश के आदिवासी जिलों में कार्य प्रभावित होंगे। पत्र में उल्लेख किया गया है कि माननीय शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान प्रेरकों की नियुक्ति हुई थी। 15 नवम्बर 2022 को राष्ट्रपति ने औपचारिक शुरुआत की थी। पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन और लगभग 5000 प्रेरकों के हित को ध्यान में रखते हुए उनकी सेवाएं निरन्तर जारी रखने के संबंध में ठोस निर्णय लिया जाए। यही मोबिलाइज़र्स गांव-गांव, घर-घर जाकर सरकार की छोटी-छोटी योजनाओं के फॉर्म भरते थे, आज वही लोग सरकार की बेरुखी का शिकार हो गए हैं। किसी ने घर चलाने के लिए कर्ज लिया होगा, किसी ने बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य के सपने देखे होंगे… लेकिन भाजपा सरकार ने बिना संवेदनशीलता, बिना विकल्प और बिना भविष्य की चिंता किए हजारों परिवारों को संकट में धकेल दिया।

Created On :   21 May 2026 8:09 PM IST

Tags

Next Story