उपमुख्यमंत्री बोले: मुझे जेल में भेजने के लिए संजय पांडे को टारगेट दिया गया

January 24th, 2023

डिजिटल डेस्क, मुंबई। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व की महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान मुझे जेल में भेजने के लिए मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त संजय पांडे को लक्ष्य दिया गया था। फडणवीस का इशारा पूर्व मुख्यमंत्री तथा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर था। फडणवीस ने कहा कि मुझे किसी भी परिस्थिति में फंसाने और जेल में डालने के आदेश पूर्व की सरकार में दिए गए थे। लेकिन तत्कालीन सरकार का प्रयास सफल नहीं हो पाया। क्योंकि मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया था, जिसके कारण मुझे जेल में डाला जा सके। मंगलवार को एक मराठी समाचार चैनल के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महाविकास आघाड़ी के ढाई साल के शासनकाल में मेरे खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज करने और मुझे जेल में डालने का लक्ष्य पांडे को दिया गया था। उन्होंने कहा कि मैं सत्य बात कह रहा हूं। किसी भी पुलिस अफसर से पूछने पर वो इस बारे में बता देंगे। फिर भी उद्धव से मेरी कोई व्यक्तिगत शत्रुता नहीं है। मैं उनका राजनीतिक विरोधी हूं। मैं ताकत से उनका विरोध करूंगा। मगर मैं अब भी उनके साथ बातचीत कर सकता हूं। उल्लेखनीय है कि महाविकास आघाड़ी सरकार गिरने के बाद मुंबई के पुलिस आयुक्त रहे पांडे को एक मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल वह जमानत पर हैं। दूसरी ओर फडणवीस के इस आरोप को राज्य के पूर्व गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटील ने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार में फडणवीस को जेल में भेजने की कोई योजना नहीं थी। फडणवीस के आरोप में तत्थ नहीं है।  

मेरे लिए उद्धव ने मातोश्री के दरवाजे बंद किए
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे लिए खुद उद्धव ने ही मातोश्री (उद्धव का आवास) के दरवाजे बंद किए। इसका मुझे दुख है। साल 2019 के विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद उन्होंने मेरा फोन भी नहीं उठाया था। यदि उन्हें भाजपा के बजाय कांग्रेस और राकांपा से गठबंधन करके नई सरकार बनाना था तो एक शिष्टाचार के नाते वे मुझसे फोन पर कह सकते थे कि हम भाजपा के साथ दोबारा सरकार नहीं बना सकते। 

बालासाहेब उद्धव की निजी संपत्ति नहीं 
उपमुख्यमंत्री ने उद्धव की ओर से शिवसेना प्रमुख दिवंगत   बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर का इस्तेमाल किए बिना चुनाव में उतरने की सत्तारूढ़ दल को दी चुनौती पर पलटवार किया। फडणवीस ने कहा कि बालासाहेब उद्धव की निजी संपत्ति नहीं हैं। बालासाहेब शिवसेना और महाराष्ट्र की संपत्ति हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली बाळासाहेबांची शिवसेना ही असली शिवसेना है। मुख्यमंत्री ही बालासाहेब की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उद्धव चुनौती देने से पहले भूल गए कि शिवसेना के अधिकांश उम्मीदवार साल 2014 और 2019 के चुनावों में मोदी की तस्वीर लगाकर जीत हासिल की थी।

राज्यपाल ने पीएम से इस्तीफा देने की अनुमति मांगी
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त करने के बारे में भी उपमुख्यमंत्री ने जवाब दिया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि राज्यपाल से किसी ने इस्तीफा नहीं मांगा है। राज्यपाल ने खुद प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने के लिए अनुमति मांगी है। राज्यपाल स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ना चाहते हैं। वो हम लोगों से निजी बातचीत में बीते तीन-चार महीने से कह रहे हैं कि मैं अब यहां से जाना चाहता हूं। मेरा स्वास्थ्य अब साथ नहीं दे रहा है। 

भाजपा का विरोध के लिए शिवसेना और वंचित बहुजन आघाड़ी का गठबंधन 
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के बीच का गठबंधन केवल भाजपा का विरोध करने के लिए बना है। दोनों दल भाजपा को हराने के लिए किसी भी तरह के समझौते के लिए तैयार हैं। लेकिन इस गठबंधन का भाजपा पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। फडणवीस ने कहा कि वीबीए के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर को लग रहा है कि शिवसेना से गठबंधन को उनके दल को हिंदुत्ववादी वोट मिलेंगे। लेकिन उन्हें यह पता नहीं है कि शिवसेना हिंदुत्व को छोड़ चुकी है।  

बजट सत्र से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार 
फडणवीस ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार में कानूनी और संवैधानिक कोई मुश्किलें नहीं हैं। हम लोग संभवतः बजट अधिवेशन से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे।