चंद्रपुर में प्रदूषण की स्थिति गंभीर: महज 6 दिन में काला हुआ कृत्रिम फेफड़ा

November 25th, 2021

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। चंद्रपुर शहर के स्वास्थ्य की दृष्टि से व्यापक उपाययोजना हो, इसके लिए प्रदूषण की गंभीरता कितनी है? यह देखने के लिए कृत्रिम फेफड़ा शहर के सावरकर चौक में लगाया गया। यह लंगबोर्ड 17 नवंबर को लगाया गया, जोकि 6 दिन में ही काला हो गया। इसके पूर्व   मुंबई में 15 दिन, खारगर में 10 दिन और चंद्रपुर में उसके पहले ही काला हो गया। लंगबोर्ड लगाने के 7वें दिन यानि बुधवार को  सांसद बालू धानोरकर और विधायक किशोर जोरगेवार ने भंेट दी। शहर के बढ़ते प्रदूषण के विषय को आगामी शीतसत्र में रखा जाएगा और स्वच्छ हवा के लिए आग्रह करेंगे ऐसा आश्वासन दिया।  सांसद व विधायक ने भेंट देेने के बाद उन्हें मुंबई, खारघर में ही इसी तरह लगाए लंगबोर्ड विषय व वहां के प्रदूषण की जानकारी दी। चंद्रपुर शहर राज्य व देश में सर्वाधिक प्रदूषित होने की बात फिर से कृत्रिम फेफड़ा लगाने के उपक्रम से सिद्ध हुई है। शहर की हवा का स्तर  कैसा है, कितना खतरनाक, इसे लेकर आम नागरिकों में जनजागरण हो, इस उद्देश्य से इको-प्रो, वातावरण फाउंडेशन व चंद्रपुर क्लिन एयर एक्शन ग्रुप द्वारा रामनगर पुलिस स्टेशन समीप कृत्रीम फेफड़े की स्थापना की। चंद्रपुर में उक्त बोर्ड 17 नवंबर को लगाया गया। यह सफेद कृत्रिम फेफड़ा 6 दिन में ही काला हो गया।  

करनी होगी कार्रवाई  इस समय धानोरकर ने कहा कि, मेट्रो सिटी में सरकार द्वारा प्रदूषण को लेकर उपाययोजना किए जाते हैं परंतु चंद्रपुर जैसे स्थान पर उस पैमाने में नहीं होती। इस उपक्रम के माध्यम से दिल्ली, मुंबई जैसा प्रदूषण देखा गया है। इससे जनजागरण  होकर राज्य व केंद्र  सरकार तथा प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड ने कार्रवाई करने की आवश्यकता है। हम सभी जनप्रतिनिधि, शासन-प्रशासन मिलकर इस प्रदूषण की समस्या पर हल निकालने के लिए प्रयास करेंगे, ऐसा आश्वासन दिया। 

एयर प्यूरीफायर टॉवर निर्माण  करने की आवश्यकता
विधायक किशोर जोरगेवार ने कहा कि हम जो सांस लेते हैं वह कितनी प्रदूषित व खतरनाक है यह दिखाने का प्रयास है। शहर के प्रदूषण की तीव्रता अधिक होने की बात दिखाई दी। राज्य के अन्य प्रदूषित शहर की तुलना में यहां सिर्फ 6 दिन में फेफड़ा काला हुआ। उद्योगों के सीएसआर फंड से एयर प्यूरीफायर टॉवर निर्माण करने की आवश्यकता है। 

उद्योगों के कोयला ट्रांसपोर्ट से भी प्रदूषण अधिक है। यह कम करने का प्रयास है। आनेवाले अधिवेशन में इस पर राज्य व केंद्र सरकार द्वारा तत्काल उपाय योजना करने की मांग की जाएगी। चंद्रपुर के प्रदूषण से यहां की औसत जिंदगी के वर्ष कम हुए हंै। इसके विरोध में कार्य करने के लिए अब सभी को  प्रयास करने की जरूरत है। बढ़ते प्रदूषण को लेकर आवश्यक उपाय योजना करने के लिए आनेवाले लोकसभा व विधानसभा के शीतसत्र में शहर के प्रदूषण के मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रयास करंे, इस आशय का ज्ञापन इस समय इको-प्रो के बंडु धोतरे ने सांसद व विधायक को दिया।