दैनिक भास्कर हिंदी: बिहार : शराबबंदी संशोधन विधेयक पास, तेजस्वी बोले- अमीरों को मिल गई शराब पीने की छूट

July 24th, 2018

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक 2018 भारी हंगामे के बीच सोमवार को विधानसभा में पास हो गया। 2016 में पारित किए गए विधेयक में से कुछ कठोर प्रावधानों को संशोधन के जरिए हटाया गया है। संशोधन पुराने लंबित मामलों पर और जिनमें अपराध तय हो चुका है उन मामलों पर भी लागू होगा। बता दें कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन के संबंध में अब तक करीब 1.5 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शराबबंदी कानून पारित होने के बाद विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हम शराबबंदी को सफल बनाने के लिए निष्ठा से काम करते रहेंगे। वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शराबबंदी कानून में संशोधन को अमीरों के लिए डिसकाउंट बताया।

शराबबंदी विधेयक में क्या हुए हैं संशोधन?

- बिहार निषेध और उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2018 के तहत पहला अपराध अब गैर जमानती नहीं होगा। शराब पीते हुए पकड़े जाने पर पुलिस स्टेशन में ही जमानत का प्रावधान किया गया है।

- पहली बार पकड़े जाने पर जेल नहीं होगी। 50,000 रुपये का जुर्माना अदा करने के बाद दोषी को रिहा कर दिया जाएगा। यदि कोई दोषी जुर्माना अदा करने में विफल रहता है, तो उसे तीन महीने जेल में काटना होगा। पिछले कानून में 10 साल की जेल का प्रावधान था।

- अगर किसी को दूसरी बार शराब पीते हुए पकड़ा जाता है तो उसे 1 लाख रुपये का भुगतान करना होगा या एक साल जेल में काटना होगा।

- 2016 कानून में शराब पीने वाले लोगों की संपत्ति जब्त करने के लिए प्रावधान था। यह संशोधित कानून में समाप्त हो गया है। हालांकि, अपने परिसर या वाहन में शराब रखने वालों के लिए कोई राहत नहीं है।

- संशोधित कानून में सामुदायिक जुर्माना लगाने और जिले से अपराधियों को बाहर करने के प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है।

- अगर किसी के घर के अंदर शराब पीने वाला पाया जाता है, तो 2018 के कानून के अनुसार परिवार के सभी सदस्यों को गिरफ्तारी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

- अगर किसी को पहली बार शराब बनाने या बेचने का दोषी पाया जाता है, तो उसे 2 साल तक कारावास का सामना करना पड़ेगा। दोहराने वाले अपराधियों को 10 साल की न्यूनतम जेल का प्रावधान है।

क्या कहा नीतीश कुमार ने?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में शराबबंदी गरीब लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए की गई। वे शराब खरीदने में अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद कर रहे थे। कानून बनने के बाद घरेलू हिंसा की घटनाओं पर भी अंकुश लगा है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से जुड़ी औसतन शिकायतों की संख्या 40 से 50 है। शराबबंदी कानून में संधोधन हर पहलू को देख कर किया गया है। उन्होंने कहा कि 72 प्रतिशत लोग शराब पीने वाले और 38 प्रतिशत लोग दूसरे तरह से पकड़े गए।

क्या कहा तेजस्वी यादव ने?
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि अब अमीर लोग पांच हजार रुपये देकर आराम से जाम छलकाया करेंगे। दरअसल, सरकार ने पहले शराब के साथ धरे जाने पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया था जिसे अब घटाकर 5000 रुपये कर दिया गया है। तेजस्वी ने कहा कि नया कानून अमीरों को फाइन देकर शराब पीने की खुली छूट देगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी होने के बावजूद राज्य में भारी मात्रा में शराब की खेप के साथ लोग पकड़े जा रहे हैं। इसलिए सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि पड़ोसी राज्यों की सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जाए। तेजस्वी ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में शराब की फैक्ट्री लगाकर शराब सप्लाई करने की भी जांच होनी चाहिए।