दैनिक भास्कर हिंदी: शराब दुकान बंद करवाने 43 प्रतिशत महिलाओं ने किया मतदान

February 26th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  समीपस्थ मूर्ति गांव की शराब दुकान का लाइसेंस रद्द कराने के लिए मुंबई शराबबंदी अधिनियम  के तहत मतदान कराया गया। मतदान में 815 महिला मतदाताओं में से 356 महिलाओं ने मतदान किया। कुल 43.68 प्रतिशत महिलाओं ने मत दिए। मतगणना  न्यायालय के आदेश के बाद की जाएगी, तब तक मतदान पेटी को कड़ी सुरक्षा में ट्रेजरी में रखा गया है। यह जानकारी  काटोल के तहसीलदार अजय चरडे ने दी है।

30 वर्ष से शुरू है दुकान
काटोल विधानसभा चुनाव क्षेत्र के मूर्ति गांव में विगत 30 वर्ष से सरकारी शराब की  (सीएल) दुकान संचालित है। गांव की महिला व पुरुषों ने यहां की शराब दुकान हटाने के लिए गृह तथा आबकारी विभाग को शिकायतें की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। विगत ग्राम पंचायत चुनाव के पहले यहां शराबबंदी को लेकर भारी हंगामा हुआ,  जिसमें दो गुटों में जमकर लाठी-डंडे चले। दोनों गुटों के 29 महिला-पुरुषों पर अपराध दर्ज कर अदालत के  आदेश पर जेल भेजा गया। यह प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इस शराब की दुकान में स्थानीय परिसर एवं वर्धा जिले के 12 से 13 गांवों के शराबी युवा इकट्ठा होते हैं। हुड़दंग तथा छेड़खानी के कारण आए दिन विवाद होते रहते हैं। इसलिए शराब की दुकान को हटाने के लिए महिलाओं ने मतदान का सहारा लिया। गांव से पुलिस थाना 15 किमी दूरी होने से शिकायत करने में समय लग जाता है। तब तक शराबी  भाग जाते हैं। इसलिए शराब की दुकान को हटाने के लिए स्थानीय महिलाओं ने मतदान का सहारा लिया। 

जिलाधिकारी रद्द कर सकते हैं लाइसेंस
प्राप्त जानकारी के अनुसार 2011 की जनगणना के अनुसार गांव की जनसंख्या 1923 है, जिसमें 929 महिला तथा 994 पुरुष मतदाता हैं। शराब की दुकान हटाने के लिए गांव की कुल महिला मतदाता के आधे महिला मतदाताओं द्वारा वोटिंग होने पर  जिलाधिकारी शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय ले सकते हैं। लाइसेंस रद्द होने पर संबंधित शराब दुकानदार न्यायालय में  जा सकता है। शराब की दुकान का लाइसेंस रद्द कराने के लिए 25 फरवरी को मुंबई शराबबंदी अधिनियम  आदेश 2008 के तहत मतदान कराया गया। मतदान के समय काटोल-नरखेड़ के नागरी आपूर्ति  अधिकारी कमलेश कुंभरे, आबकारी विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक बालासाहब पाटील, सहायक आर.डी.  बोलधने काटोल के उपविभागीय पुलिस अधिकारी विक्रम कदम, कोंढाली के थानेदार श्याम गव्हाणे आदि पुलिस बल को तैनात किया गया था।