comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

मुख्यमंत्री ने सोलन और सिरमौर के उपायुक्तों से वीडियो-काॅन्फ्रेंसिंग से चर्चा की

July 25th, 2020 17:34 IST
मुख्यमंत्री ने सोलन और सिरमौर के उपायुक्तों से वीडियो-काॅन्फ्रेंसिंग से चर्चा की

डिजिटल डेस्क, हिमाचल प्रदेश, 24th July 2020- मुख्यमंत्री ने सोलन और सिरमौर के उपायुक्तों से वीडियो-काॅन्फ्रेंसिंग से चर्चा की मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से जिला सोलन और सिरमौर के उपायुक्तों से कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम और विभिन्न उपायों के बारे में विस्तृत चर्चा की और उन्हें दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कोविड देखभाल केंद्रों में मरीजों की सुविधा, स्वास्थ्य देखभाल और उन्हें संतुलित भोजन उपलब्ध प्रदान के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड देखभाल केंद्रों में मरीजों की डाइट और देखभाल के लिए निर्धारित प्रोटोकाॅल का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। जय राम ठाकुर ने कहा कि निर्धारित क्वारन्टीन प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न इकाइयों के प्रबन्धन का दायित्व है कि वह अन्य राज्यों से आने वाले उन्हीं श्रमिकों को कार्य पर रखें, जिन्होंने क्वारन्टीन नियमों का पालन सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश से बाहर जाकर 48 घंटे के भीतर वापिस आने की सुविधा का दुरूपयोग रोकने के लिए प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कोविड पाॅजिटिव मामलों में बढ़ौतरी के दृष्टिगत बद्दी नालागढ़ और नाहन में लाॅकडाउन लगाने के बारे में भी चर्चा की गई। जय राम ठाकुर ने कहा कि अन्य राज्यों में फंसे हिमाचलवासियों की वापसी के कारण प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ौतरी हुई है, इसके बावजूद प्रदेश के पैरामीटर अन्य राज्यों से बेहतर हैं। भारत सरकार के मापदंडों के अनुसार कोरोना संक्रमण दर पांच फीसदी से कम होनी चाहिए। प्रदेश में व्यापक स्तर पर कोरोना जांच के बावजूद संक्रमण की पाॅजिटिव दर पांच प्रतिशत से बहुत कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों का प्रोटोकाॅल पुनः निर्धारित किया गया है। अन्य राज्यों से प्रदेश में आने वाले प्रवासी श्रमिकों को संस्थागत क्वारन्टीन किया जा रहा है। इस व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है। .0.

कमेंट करें
fGbht
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।