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मुख्य सचिव ने खरीफ की तैयारियों की समीक्षा की : खाद-बीज के भण्डारण और ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश!

मुख्य सचिव ने खरीफ की तैयारियों की समीक्षा की : खाद-बीज के भण्डारण और ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश!

डिजिटल डेस्क | मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने कृषि और संबंधित विभाग के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर खरीफ 2021 की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कृषि, सहकारिता, मार्कफेड, बीज निगम, अपेक्स बैंक और बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों को राज्य की सभी सहकारी समितियों में नियमित रूप से खाद-बीज का पर्याप्त मात्रा भण्डारण सुनिश्चित करने और कृषि ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के नवीन प्रावधानों तथा धान के बदले अन्य प्रमुख खरीफ फसलों की खेती एवं वृक्षारोपण करने वाले किसानों को प्रति एकड़ दी जाने वाली आदान-सहायता राशि का भी व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गौठानों में महिला समूहों द्वारा उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद के उपयोग के बारे में भी किसानों को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने का कहा। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने बताया कि खरीफ 2021 में राज्य में 48.20 लाख हेक्टेयर में अनाज सहित दलहन-तिलहन, मक्का, गन्ना आदि की खेती का लक्ष्य है, जिसमें से 3.44 लाख हेक्टेयर में सुगंधित धान, जिंक धान, जैविक धान, मक्का, कोदो, कुटकी, दलहन एवं तिलहन इत्यादि फसल लेने का विशेष कार्यक्रम तैयार किया गया है। खरीफ 2021 सीजन में 11.08 लाख क्विंटल बीज की आवश्यकता है। बीज निगम द्वारा 9.34 लाख क्विंटल बीज की आपूर्ति की जा रही है, जबकि शेष 1.74 लाख क्विंटल बीज की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर किसानों के माध्यम से की जाएगी।

समितियों में अब तक 4.69 लाख क्विंटल बीज का भण्डारण तथा 1.56 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है। समीक्षा बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि राज्य में खरीफ 2021 में 11.75 लाख टन रासायनिक उर्वरक के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 8.14 लाख टन उर्वरक का भण्डारण सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में किया गया है। जिसमें से अब तक 1.57 टन उर्वरक का उठाव किसानों द्वारा किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने खाद-बीज के अग्रिम उठाव के लिए किसानों को विभाग के मैदानी अमले के माध्यम से प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, ताकि बुवाई के समय खाद-बीज के लिए किसानों को परेशान न होना पड़े। बैठक में प्रबंध संचालक, मार्कफेड द्वारा डीएपी खाद के दर में 20 मई से किए गए संशोधन दर के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि गौठानों में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट का भी विभिन्न समितियों में भण्डारण कराकर किसानों को दोनों कम्पोस्ट खाद, कृषि ऋण के रूप में प्रदाय की जा रही है। अब तक किसानों को 25 हजार 800 क्विंटल वर्मी एवं सुपर कम्पोस्ट खाद, जिसका मूल्य 2 करोड़ 58 लाख रूपए है, कृषि ऋण के रूप में उपलब्ध कराया गया है। जानकारी दी गई कि वर्ष 2021 में 5300 करोड़ रूपए का कृषि ऋण वितरण किए जाने का लक्ष्य है, जिसके विरूद्ध अब तक 1149 करोड़ रूपए का ऋण किसानों को दिया जा चुका है।

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