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  निजी अस्पताल वेलट्रीट में पॉजिटिव महिला की मौत, सरकारी अस्पताल को नहीं दी जानकारी

  निजी अस्पताल वेलट्रीट में पॉजिटिव महिला की मौत, सरकारी अस्पताल को नहीं दी जानकारी

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  वाड़ी स्थित निजी अस्पताल वेलट्रीट में  लालबाग वार्ड क्रमांक- 12, बालाघाट, मध्यप्रदेश निवासी 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, महिला कोरोना संक्रमित थी। 26 जुलाई को महिला की तबीयत खराब होने के बाद परिजन ने वाड़ी के वेलट्रीट अस्पताल में उसे भर्ती कराया। संचालक राहुल ठवरे ने एडमिट करने के बाद उपचार शुरू किया। इस बीच 2 अगस्त को महिला की कोरोना जांच की गई थी। अगले दिन 3 अगस्त को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने आपदा व्यवस्थापन प्रबंधन, वाड़ी पुलिस स्टेशन, सरकारी अस्पताल, नप प्रशासन जैसे किसी भी जिम्मेदार विभाग को सूचित नहीं किया। उपचार के दौरान तीन दिन बाद शुक्रवार, 7 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे महिला की मौत होने की जानकारी अस्पताल के डॉ. कौस्तुभ ने वाड़ी पुलिस को दी।

परिजन लगा रहे गुमराह करने का आरोप
कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल के अलावा कुछ निजी अस्पतालों को दिशा-निर्देश के तहत इजाजत दी गई, लेकिन वेलट्रीट का इसमें समावेश नहीं है। महिला के पॉजिटिव आने के बाद भी तीन दिन तक अस्पताल में उपचार जारी रखने पर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल ने नगर परिषद के मुख्याधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी या फिर तहसीलदार को सूचना नहीं दी। परिजनों ने बताया कि, मौत के बाद पाॅजिटिव होने की सूचना अस्पताल प्रबंधन ने दी। बिल बढ़ाने के चक्कर में गुमराह करने का भी आरोप लगाया।

मनपा व नप में रस्साकशी  
कोरोना संक्रमण से महिला की मौत होने के बाद शव मनपा का वाहन आकर ले जाएगा, इसलिए नप प्रशासन ने गंभीरता नहीं िदखाई। इस संदर्भ में मुख्याधिकारी जुम्मा प्यारेवाले ने बताया कि, मरीज वेंटिलेटर पर था। इसकी जानकारी जीएमसी के अधिकारियों को डॉक्टर ने दी थी, लेकिन पॉजिटिव होने की सूचना नहीं दी गई। मरीज वेंटिलेटर पर होने से जीएमसी नहीं ले गए। बिल्डिंग के आखिरी माले पर मरीज को रखा गया था। उनके संपर्क में आने वाले स्टाफ को आइसोलेट किया गया। मुख्याधिकारी ने बताया कि, शव जीएमसी के कर्मचारी लेकर जाएंगे। मनपा व नप की रस्साकशी में देर शाम तक महिला का शव अस्पताल परिसर में ही पड़ा था।

मौत के बाद फोन आया था
वाड़ी क्षेत्र मेरे स्वास्थ्य केंद्र के तहत आता है। किसी भी निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमित के पॉजिटिव आने पर जानकारी देना चाहिए था, लेकिन अस्पताल ने सूचना नहीं दी। कोविड सेंटर नहीं होने के बाद भी उपचार किया और मौत होने के बाद फोन द्वारा डॉक्टर ने सूचना दी।  -डॉ. सुषमा धुर्वे, स्वास्थ्य अधिकारी, व्याहाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

मरीज वेंटिलेटर पर होने के कारण शिफ्ट नहीं किया था
अस्पताल प्रबंधन ने महिला के कोरोना पाॅजिटिव होने की जानकारी जीएमसी, आईजीएमसी के अधिकारियों को दी थी। मरीज वेंटिलेटर पर होने से शिफ्टिंग का प्रॉब्लम होने से अधिकारियों ने अस्पताल में ही उपचार करने को कहा था, इसलिए कोविड सेंटर नहीं होने के बाद भी हमने उपचार जारी रखा।  -डॉ. राहुल ठवरे, संचालक वेलट्रीट अस्पताल, वाड़ी
 

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