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मंत्रीपद से इस्तीफा दें धनंजय मुंडेः पाटील

मंत्रीपद से इस्तीफा दें धनंजय मुंडेः पाटील

डिजिटल डेस्क,मुंबई। बलात्कार के आरोप लगने के बाद सामाजिक न्यायमंत्री धनंजय मुंडे की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। जहां एक ओर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने मुंडे का इस्तीफा मांगा है वहीं चुनावी हलफनामें में बच्चों के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता किरीट सोमैया ने चुनाव आयोग से शिकायत कर दी है। मुंडे और सरकार पर और दबाव बनाने के लिए भाजपा युवा मोर्चा ने उनके खिलाफ राज्यभर में आंदोलन का भी ऐलान कर दिया है। चौतरफा मुश्किलों में फंसे धनंजय मुंडे ने बुधवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की।   चंद्रकांत पाटील के मुताबिक यौन उत्पीड़न के आरोपों के मद्देनजर मुंडे को मंत्रिपद पर रहने का अधिकार नहीं है। अपनी गलती के लिए उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। जिस व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगे उन्हें इस तरह के पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं होता लेकिन ऐसा नहीं लगता कि गेंडे के खाल वाले मंत्री और महाविकास आघाडी सरकार आत्म परीक्षण कर इस्तीफा लेगी, लेकिन हम इस्तीफे की अपनी मांग जारी रखेंगे। 

मुंडे ने छुपाई दूसरी पत्नी-बच्चों की बात
वहीं भाजपा नेता किरीट सौमैया ने चुनावी हलफनामें में दूसरी पत्नी, उसकी संपत्ति और बच्चों से जुड़ी जानकारी छिपाने के मामले में शिकायत की है। सोमैया ने अपनी शिकायत में कहा है कि बलात्कार के आरोप लगने के बाद मुंडे ने सोशल मीडिया पर जो सफाई दी है उसमें कहा है कि उन्होंने अपनी दोनों पत्नियों के नाम संपत्ति खरीदी है और दोनों पत्नियों से पैदा हुए बच्चों को अपना नाम दिया है। लेकिन 2019 के विधानसभा चुनावों से पहले दिए चुनावी हलफनामें में मुंडे ने अपनी दो पत्नियों, सभी बच्चों और उनके नाम पर जो संपत्तियां हैं, उनकी जानकारी नहीं दी है। इसलिए इस मामले की जांच कर मुंडे के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

तो राज्यभर में आंदोलन करेगा भाजपा युवा मोर्चा 
भारतीय जनता युवा मोर्चा ने भी मुंडे के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत पाटील ने कहा कि एफआईआर दर्ज कर मुंडे पर लगे आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश की समिति से कराई जानी चाहिए। चुनावी हलफनामे में परिवार के सदस्यों की जानकारी छिपाने के आरोप में उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। ऐसा न होने पर भाजयुमो राज्यभर में मोर्चा निकालेगी।

शरद पवार से मिले मुंडे
बलात्कार के आरोप लगने के बाद मुश्किल में फंसे राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे ने बुधवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। मुंडे पवार के मुंबई स्थित घर सिल्वर ओक पहुंचे जहां खुद पर लगे आरोपों पर उन्होंने सफाई दी। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।