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आम सभा के लिए जिप को चाहिए सुरेश भट या देशपांडे सभागृह,आयुक्त को लिखा पत्र

आम सभा के लिए जिप को चाहिए सुरेश भट या देशपांडे सभागृह,आयुक्त को लिखा पत्र

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जनवरी में जिला परिषद चुनाव हुए। महाविकास आघाड़ी को सत्ता संभाले पांच महीने हो गए हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते एक भी आमसभा नहीं हो पाने से विकास कार्यों को मंजूरी नहीं मिली है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है। जिला परिषद सभागृह में जगह कम पड़ने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना संभव नहीं है। इसलिए जिला परिषद मनपा के सुरेश भट या देशपांडे सभागृह में आमसभा बुलाना चाहती है। जिलाधिकारी से आमसभा के लिए अनुमति मांगी गई है, वहीं सभागृह उपलब्ध कराने के लिए मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे को चिट्‌ठी लिखी गई है।

ठप हैं  विकास कार्य
जिप आमसभा की मंजूरी नहीं मिलने से ग्रामीण क्षेत्र के विकास कार्य रुक गए हैं। लॉकडाउन होने पर सरकार ने जिप सीईओ को बजट मंजूर करने के अधिकार प्रदान किए थे। तत्कालीन सीईटो संजय यादव ने चालू वित्तीय वर्ष 2020-2021 का बजट मंजूर किया। आमसभा की मंजूरी लिए बिना विकास कार्य नहीं किए जा सकते, इसलिए बजट मंजूर होकर भी विकास कार्य लटके हुए हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग के लिए चुना विकल्प
 जिप के 58 सदस्य, पंचायत समितियों के 13 सभापति, सभी विभागों के विभाग प्रमुख, वित्त विभाग के अधिकारी कुल मिलाकर 100 सदस्या जिप की आमसभा में उपस्थित रहते हैं। जिला परिषद खेड़कर सभागृह में 90 सीट की क्षमता है। जगह कम पड़ने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना संभव नहीं है। सुरेश भट तथा देशपांडे सभागृह की क्षमता अधिक रहने से सोशल डिस्टिंसिंग का पालन किया जा सकेगा। इसलिए जिप की आमसभा के लिए इन सभागृहों का विकल्प चुना गया है।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए मांग की है
^आमसभा को अनुमति के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जिप का खेड़कर सभागृह कम पड़ता है, इसलिए सुरेश भट या देशपांडे सभागृह में आमसभा लेने का प्रस्ताव है। सभागृह उपलब्ध कराने के लिए मनपा आयुक्त को पत्र दिया गया है।
रश्मि बर्वे, अध्यक्ष, जिला परिषद

इससे पहले 24 मार्च को मांगी थी अनुमति
जिला परिषद बजट सभा 24 मार्च को रखी गई थी। इस दौरान जमाव बंदी कानून लागू किए जाने से जिलाधिकारी से आमसभा की अनुमति मांगी गई थी। जिलाधिकारी से अनुमति नहीं मिलने पर आमसभा स्थगित कर दी गई। आमसभा नहीं होने से लटके हुए विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान करने जून के अंत में आमसभा के लिए जिलाधिकारी से अनुमति मांगी गई है।

पहली बार जिप के बाहर होगी आमसभा
जिप के खेड़कर सभागृह में आमसभा होती है। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सभागृह छोटा पड़ने से सुरेश भट या देशपांडे सभागृह में आमसभा लेने का प्रस्ताव रखा गया है। जिलाधिकारी की अनुमति मिलने पर इतिहास में पहली बार जिला परिषद की आमसभा जिला परिषद के बाहर होगी।
सैनिटाइजर व मास्क दिए जाएंगे
प्रस्ताव रखे गए किसी भी सभागृह में आमसभा के लिए अनुमति मिलने पर पहले सभागृह का सैनेटाइजेशन किया जाएगा। सदस्यों को मास्क और सैनेटाइजर उपलब्ध कराने का जिप प्रशासन ने नियोजन किया है।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।