स्वास्थ्य विभाग सख्त: अवैध रूप से गर्भपात की शिकायत पर 13 नर्सिंग होम की जांच

November 25th, 2021

डिजिटल डेस्क, अमरावती।  किसी भी बालिग महिला के इच्छा के विरुध्द उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का गर्भपात गैरकानूनी है। उसमें गर्भपात करवाने वालों के साथ ही संबंधित अस्पताल पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इसी तरह महिला के गर्भवती होने के 12 सप्ताह बाद भी उसका गर्भपात नहीं कराया जा सकता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसकी अनुमति दी जाती है। किंतु जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना सरकारी अनुमति के ही कई अस्पतालों में गर्भपात प्रक्रिया की जा रही है। जिसको लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग को कुल 41 शिकायतें गत वर्ष में प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलेभर की 11 ऐसी संस्थाओं के खिलाफ जांच शुरू की गई है।

 जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. दिलीप रनमले ने बताया कि कई स्थानीय नागरिकों तथा समाजसेवी संगठनाें ने इस संदर्भ में शिकायतें दी है। जिसके बाद इन सभी अस्पतालों से पिछले दो वर्षों में यहां हुए गर्भपातों का विवरण मांगा गया है। साथ ही उक्त महिला की उम्र उसके गर्भधारण की अवधि को लेकर भी जानकारी मांगी गई है। अब तक जिन 13 अस्पतालों को या गर्भपात केंद्रों को नोटिस जारी किए गए थे। उनमें से 5 संस्थाओं ने जानकारी उपलब्ध करा दी है। जिसकी छानबीन की जा रही है। जबकि 8 केंद्रों ने अतिरिक्त समय मांगा है। उन्हें नवंबर माह की 30 तारीख तक संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की सूचना दी गई है। 

जिन 13 संस्थानों के खिलाफ जांच शुरू की गई है। अगर उनमें एक भी मामला नियमों के विरुध्द पाया जाता है तो उन केद्रों को सील कर दिया जाएगा तथा डाक्टर रजिस्ट्रेशन भी रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। इसके अलावा उन फर्जी डाॅक्टरों द्वारा भी यह काम किया जा रहा है। उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष दल गठित किया गया है। इस दल को तहसीलवार जांच कर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि उन कर्मचारियों को फर्जी मरीज बनकर इन अस्पतालों की स्थिति समझने के लिए भेजने का निर्णय भी लिया गया है।