comScore

जनता को नए संकट में डालना ठीक नहीं  - महापौर

जनता को नए संकट में डालना ठीक नहीं  - महापौर

डिजिटल डेस्क, मुंबई।  कोरोना के संकट से मजदूर, व्यावसायिक, नौकरीपेशा सभी प्रभावित हैं। अनेक लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। बाजार में कामकाज ठप होने से व्यवसाय संकट में आ गए हैं। ऐसी स्थिति में जलापूर्ति कर में 5% वृद्धि का निर्णय नागरिकों की जख्म पर नमक छिड़कने जैसा है। कर में वृद्धि कर आम जनता को नये संकट में डालना ठीक नहीं है। इस मामले में महापौर संदीप जोशी ने आयुक्त को सुझाव दिया है कि, वे सरकार को कर में वृद्धि रोकने का प्रस्ताव भेजे। बता दें कि, आयुक्त मुंढे ने   पत्रकारों से चर्चा में कहा था कि, जलापूर्ति कर नियम के दायरे को बढ़ाया गया है। इसे कम करने के लिए राज्य सरकार के नीति निर्धारण में संशोधन करना जरूरी है। 

मनपा जनता की पालक संस्था
महापौर ने कहा कि, मनपा को दस वर्ष में जलापूर्ति कर वृद्धि करने का अधिकार है। मनपा शहर की जनता की पालक संस्था है। कोविड के संकट में दर बढ़ाकर जनता को संकट की खाई में धकेला जा रहा है। इस संकट से नागरिकों को राहत दिलाने के लिए जलापूर्ति कर वृद्धि को एक वर्ष की अवधि के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है। 

सदन में रखें प्रस्ताव
महापौर ने कहा कि, जनता के हित में इससे पहले भी अनेक निर्णयों में आयुक्त ने राज्य सरकार से मंजूरी लाई है। संकट के इस दौर में सदन में प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजकर उसे मंजूर कराया जा सकता है। 

कमेंट करें
Ggzk9