नागपुर: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने वालों को ही मिलेगी "लाउडस्पीकर' की परमिशन

May 6th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  शहर में कानून व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी पक्ष को कोई  परेशानी है या कोई समस्या है, तो पुलिस से चर्चा की जा सकती है। कौन जीता और कौन हारा, ये मुद्दा नहीं है। कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को पुलिस ऐसा सबक सिखाएगी की हमेशा याद रहेगा। जोर जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ईद के कारण शांत थे, कानून सभी के लिए समान है। इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन सभी को करना होगा। यह कहना है पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार का। गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित पुलिस भवन में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए वे बोल रहे थे। 

‘लाउड स्पीकर’ के लिए 74 धार्मिक स्थलों से मिलेे आवेदन
उन्होंने बताया कि, 74  धार्मिक स्थलों पर ‘भोंगे’ के लिए करीब 74 आवेदन पुलिस के पास पहुंचे हैं। आगामी कुछ दिनों में आवेदन की संख्या बढ़ने की संभावना है, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करेगा, उन्हें ही अनुमति मिलेगी। पुलिस से बिना विचार-विमर्श के अगर कोई खुद निर्णय लेकर  धार्मिक वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हां, इस बात की गारंटी दी जाती है कि, दूसरे पक्ष पर कोई अन्याय नहीं होगा। 

कानून हाथ में लेने वाले परिणाम भुगतने तैयार रहें
पुलिस को अगला  आदेश मिलने तक शहर में जो बंदोबस्त लगाया गया है, वह जारी रहेगा। जो कानून हाथ में लेगा उसे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने बताया कि  पुलिस महासंचालक के आदेश पर शहर में 3 हजार पुलिस कर्मचारियों को बंदोबस्त में लगाया गया था।  यह बंदोबस्त अगले आदेश तक जारी रहेगा।  

बैंड-बाजा-बारात पर भी दिखेगा असर 
उन्होंने कहा कि, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार ध्वनि का मापदंड तय किया जाएगा। शादी और अन्य समारोह में बजने वाले लाउडस्पीकर की ध्वनि को लेकर जांच-पड़ताल की जाएगी। अब धार्मिक स्थल ‘भोंगे’ की अनुमति लेने के बाद नियम का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसकी जांच भी पुलिस करेगी।