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कोरोना के चलते बंद हैं यात्री ट्रेनें, दिन रात मेहनत कर रहे रेलवे के हजारों कर्मचारी

कोरोना के चलते बंद हैं यात्री ट्रेनें, दिन रात मेहनत कर रहे रेलवे के हजारों कर्मचारी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। देशभर में आमयात्रियों के लिए रेल सेवाएं 14 मार्च तक बंद है लेकिन लोगों तक जरूरी खाद्य सामग्री पहुचाने के लिए मालगाड़ियां लगातार पटरियों पर दौड़ रहीं हैं। इन माल गाड़ियों के लिए ट्रैक तैयार रहे इसलिए बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी यानी ट्रैकमैन दिन रात मेहनत कर रहे हैं।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर ने बताया कि इंजीनियरिंग विभाग के साथ साथ ट्रैकमेन, कीमेन, वॉल्वमेन आदि लगातार अपना नियमित कामकाज कर रहे हैं। हालांकि काम के दौरान एक दूसरे से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और मास्क के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उपकरणों और कर्मचारियों के निजंतुकीकरण के साथ थर्मल स्कैनिंग भी की जा रही है। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल ने कर्मचारियों की तारीफ करते हुए उन्हें अपनी सुरक्षा पर भी पूरा ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। भाकर ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए विभागीय स्तर पर विशेष स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं।

हाल ही में दूसरे राज्यों में गए कर्मचारियों को 14 दिन घर में बिताने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि भावनगर विभाग के कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी से इतर 141 मास्क तैयार किये जो कर्मचारियों में बांटे गए। भाकर ने बताया कि रेलवे दूध और दूसरे जरूरी सामान एक जगह से दूरी जगह पहुंचा रही है। इसके अलावा पश्चिम रेलवे टिकट वापस करने वाले यात्रियों को अब तक 102 करोड़ रूपये का भुगतान कर चुकी है। लॉक डाउन के दौरान कुल 14304 गाड़ियां रदद् हुईं हैं जिनमें 6036 मेल या एक्सप्रेस गाड़ियां हैं। 26 मार्च तक पश्चिम रेलवे को करीब 136 करोड़ का नुकसान हुआ है

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