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रायपुर : गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने 4.34 करोड़ के पुरस्कार

July 24th, 2020 17:00 IST
रायपुर : गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने 4.34 करोड़ के पुरस्कार

डिजिटल डेस्क,  रायपुर। मुख्यमंत्री चयनित पंचायतों एवं प्रतिभागियों को गांधी जयंती पर करेंगे पुरस्कृत, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने की पुरस्कारों की घोषणा स्वच्छता स्थायित्व, समुदाय की सहभागिता और साफ-सफाई की आदतों को प्रेरित करने अच्छा काम करने वालों को पुरस्कार – श्री टी.एस. सिंहदेव 30 जुलाई से 15 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन रायपुर. 24 जुलाई 2020 गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा चार करोड़ 34 लाख रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल इन पुरस्कारों के लिए चयनित ग्राम पंचायतों और प्रतिभागियों को गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को पुरस्कृत करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज राज्य स्वच्छता पुरस्कार-2020 के तहत 15 श्रेणियों में दिए जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि खुले में शौचमुक्त हो चुके गांवों में इसका स्थायित्व बरकरार रखने, समुदाय की सहभागिता और लोगों में साफ-सफाई की अच्छी आदतों को प्रेरित करने ये पुरस्कार दिए जा रहे हैं। स्वच्छता को बढ़ावा देने अलग-अलग स्तरों पर अलग-अलग तरह के बेहतर काम करने वाले विभिन्न वर्गों को पुरस्कृत किया जाएगा। श्री सिंहदेव ने कहा कि प्रतिभागियों के बीच इन पुरस्कारों के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की आदतों और व्यवहार में दीर्घकालिक बदलाव लाने में मदद मिलेगी। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा महिलाओं एवं किशोरियों में माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने में भी इससे सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन में अग्रणी राज्य है। मिशन द्वारा इस प्रोत्साहन से ग्रामीणों में स्वच्छता की उत्कृष्ट स्थिति प्राप्त करने और उसे लगातार बनाए रखने की जागृति पैदा होगी। चयनित विजेताओं को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर 2 अक्टूबर को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। राज्य स्वच्छता पुरस्कार-2020 के तहतस्वच्छ सुंदर शौचालय पुरस्कार के प्रत्येक विजेता हितग्राही को 5001 रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर दस-दस हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। *स्वच्छ सुंदर सामुदायिक शौचालय पुरस्कार* जिला एवं राज्य स्तर पर दिए जाएंगे। जिला स्तर की विजेता ग्राम पंचायत को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता पंचायत को एक लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट सेग्रिगेशन शेड के लिए चयनित ग्राम पंचायत को एक लाख रूपए दिए जाएंगे। माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के लिए दो श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया जाएगा। जिला स्तर की विजेता पंचायत को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता को 51 हजार रूपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा। विद्यार्थियों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने स्कूलों के माध्यम से उत्कृष्ट निबंध सृजन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिला स्तर पर पूर्व माध्यमिक और हाईस्कूल दो अलग-अलग वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता के दोनों वर्गों के विजेताओं को 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। जिला स्तर पर आयोजित उत्कृष्ट नारा लेखन प्रतियोगिता के तीन विजेताओं को 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। *दीवार लेखन प्रतियोगिता* के तहत जिला स्तर पर स्वच्छाग्रही या स्वसहायता समूह के प्रतिभागियों द्वारा दस सर्वश्रेष्ठ लेखन को प्रत्येक को पांच हजार रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा। प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायतों को जिला एवं राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। जिला स्तरीय विजेता को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता को एक लाख रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत काम कर रहे स्वसहायता समूहों में से उत्कृष्ट स्वच्छाग्रही समूह पुरस्कार के जिला स्तरीय विजेता को 21 हजार रूपए एवं राज्य स्तरीय विजेता को 51 हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट बायोगैस संयंत्र पुरस्कार की विजेता ग्राम पंचायत को 51 हजार रूपए दिए जाएंगे। एस.ई.सी.एल. की सहायता से संचालित दिव्यांगों के लिए सामुदायिक शौचालय निर्माण की पायलट परियोजना के अंतर्गत तीन सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों को क्रमशः ढाई लाख रूपए, डेढ़ लाख रूपए और एक लाख रूपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा। सामुदायिक शौचालय के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजायन प्रतियोगिता के तहत तीन वर्गों में पुरस्कार दिए जाएंगे। राज्य स्तरीय इस प्रतियोगिता मे%E

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।