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रायपुर : क्वारेंटीन के दौरान लगाए पौधों से अब भी लगाव

July 24th, 2020 15:07 IST
रायपुर : क्वारेंटीन के दौरान लगाए पौधों से अब भी लगाव

डिजिटल डेस्क, रायपुर. 21 जुलाई 2020 लखनऊ, नागपुर और पुणे से छत्तीसगढ़ अपने राज्य लौटने के बाद क्वारेंटाइन सेंटर में रहने के दौरान लगाए पौधों से श्रमिकों को इतना लगाव हो गया है कि वे वहां से निकलने के करीब महीने भर बाद भी उनकी देखभाल कर रहे हैं। बेमेतरा जिले के मटका गांव के स्कूल में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में रह चुके लोग अपने लगाए पौधों को पानी देने और देखभाल करने अब भी स्कूल परिसर जाते हैं। यह उनके लिए कठिन समय की एक सुखद याद की तरह है। प्रवासी श्रमिकों के लिए प्रदेश भर में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर्स में वहां मुश्किल समय में रह रहे लोगों का तनाव कम करने उन्हें कई तरह की रचनात्मक और मनोरंजक गतिविधियों में व्यस्त रखा गया था। इस दौरान खेल, पठन-पाठन, वृक्षारोपण और योगाभ्यास जैसी गतिविधियों के माध्यम से उनका तनाव कम किया जा रहा था। कुछ क्वारेंटाइन सेंटर्स में निरक्षर प्रवासी श्रमिकों ने अक्षर ज्ञान भी सीखा। क्वारेंटाइन अवधि पूरा होने तक उन्होंने अपना नाम लिखना और कुछ-कुछ पढ़ना भी सीख लिया था। बेमेतरा विकासखंड के मटका, जोंग, अमोरा, पथर्रा और जेवरा गांव में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर्स में रह रहे प्रवासी श्रमिकों ने बेहद उत्साह से वृक्षारोपण किया था। उन्होंने अपने क्वारेंटाइन सेंटर वाले स्कूल परिसर में आम, कटहल, बरगद, गुलमोहर और नीम के पौधे लगाए थे। वे इनकी नियमित देखभाल और पानी देने का काम भी कर रहे थे। इन पौधों से अब उन्हें इतना लगाव हो गया है कि क्वारेंटाइन सेंटर से अपने घर पहुंचे करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी स्कूल परिसर जाकर इनकी देखभाल करते हैं। अपने लगाए सभी पौधों को सुरक्षित देखकर वे गहरा संतोष और सुकून महसूस करते हैं। बेमेतरा जनपद पंचायत द्वारा इन स्कूलों में वृक्षारोपण के लिए पौधे और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए थे। प्रवासी श्रमिकों की कोशिशों से स्कूल परिसर हरा-भरा हो गया है। पुणे, लखनऊ और नागपुर से लौटे कुछ निरक्षर श्रमिकों ने मटका, जोंग और अमोरा के क्वारेंटाइन सेंटर्स में अक्षर ज्ञान भी सीखा। साथियों से उन्होंने क्वारेंटाइन अवधि पूरी होने तक अपना नाम लिखना और कुछ-कुछ पढ़ना भी सीख लिया था। क्वारेंटाइन सेंटर के अधिकारियों ने भी उन्हें लगातार प्रोत्साहित कर अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई। निरक्षर के रूप में क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचे लोगों ने क्वारेंटीन अवधि पूरी कर घर जब लौटने के समय रजिस्टर में अपने नाम के आगे अंगूठा लगाने की जगह हस्ताक्षर किए, तो उनके चेहरों की चमक देखते ही बनती थी। इस मुश्किल दौर ने उन्हें मुस्कुराने की ठोस वजह दी है। क्रमांक-2736/कमलेश

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।