दिल्ली पुलिस का दरोगा बनकर महिला पटवारी को किया ब्लैकमेल

Woman Patwari blackmailed by posing as Delhi Police Inspector
दिल्ली पुलिस का दरोगा बनकर महिला पटवारी को किया ब्लैकमेल
सतना दिल्ली पुलिस का दरोगा बनकर महिला पटवारी को किया ब्लैकमेल

डिजिटल डेस्क, सतना। रामनगर के बाबूपुर हल्का पटवारी को दिल्ली क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी बनकर ब्लैकमेल करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से अलग-अलग न्यूज पोर्टल और समाचार पत्रों के परिचय पत्र, वॉकी-टॉकी और सील के साथ पुलिस की वर्दी में फोटो मिले हैं। आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर जांच की जा रही है। टीआई आदित्य नारायण धुर्वे ने बताया कि महिला पटवारी राजकुमारी पति भीम सिंह पटेल 35 वर्ष, निवासी परसवाही, थाना अमरपाटन की तैनाती बाबूपुर में है। बीते 11 अप्रैल को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन कर अपना परिचय दिल्ली क्राइम रिपोर्टर के रूप में दिया और बाबूपुर क्षेत्र में अनियमितता की जांच के लिए राजधानी से भेजे जाने की बात कही, उसने राजकुमारी को ग्रामसभा में उपस्थित होने के लिए कहा। इतना ही नहीं फोन करने वाले व्यक्ति ने वॉट्सएप पर पुलिस की वर्दी में फोटो भेजी, जिसमें कंधों पर दो स्टार लगे थे, वहीं एक फोटो में वह डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट उत्तर पूर्व दिल्ली की गाड़ी के सामने खड़ा था। महिला पटवारी ने संदेह होने पर तुरंत तहसीलदार और एसडीएम को अवगत कराया और उनके निर्देश पर 12 अप्रैल को थाने जाकर शिकायत कर दी।

पुलिस को भी धौंस दिखाने की कोशिश ---

महिला पटवारी से शिकायत मिलते ही पुलिस टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि उक्त युवक बाबूपुर में गैवीनाथ पटेल पुत्र नागेश्वर पटेल 67 वर्ष, के घर पर रुका है, लिहाजा गांव जाकर पुलिस ने फोन करने वाले अनिल कुमार पुत्र हरिराम चौधरी 30 वर्ष, निवासी खरड़, जिला मुजफ्फरपुर (यूपी) समेत उसके साथी सुभाष उर्फ उपेन्द्र मलिक पुत्र जयपाल सिंह निवासी गणेशनगर-बुराड़ी (दिल्ली), के साथ ही गैवीनाथ को भी हिरासत में ले लिया। पहले तो अनिल और सुभाष ने दिल्ली क्राइम ब्रांच के अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों को धौंस दिखाने की कोशिश की, मगर जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो अकड़ ढीली पड़ गई।

कर्ज चुकाने ब्लैकमेलिंग का रास्ता पकड़ा ---

आरोपी अनिल और सुभाष ने खुलासा किया कि उनके ऊपर 7 लाख से ज्यादा का कर्ज है, मगर जल्दी कमाई का कोई जरिया नहीं मिल रहा था, ऐसे में ब्लैकमेलिंग के रास्ते पर चल पड़े। दोनों ने अलग-अलग पोर्टल व अखबारों के परिचय पत्र बनाने के साथ ही पुलिस की वर्दी भी खरीदकर फोटो ंिखंचाई, तो रौब जमाने के लिए फ्लिपकार्ट से दो वॉकी-टॉकी भी मंगा लिए। इसी बीच किसान संगठन के साथ धरना देने दिल्ली के जंतर-मंतर गए गैवीनाथ पटेल से सम्पर्क हो गया। कुछ दिन पहले फोन पर बातचीत में गैवीनाथ ने रामनगर आने का न्यौता दिया और ट्रेन की टिकट भी बुक करा दिया, लिहाजा 11 अप्रैल को दोनों लोग उसके गांव पहुंच गए। गैवीनाथ का इरादा पटवारी पर दबाव बनाकर अपने कुछ काम कराने का था।

वर्दी में फोटो और वॉकी-टॉकी पुलिस ने की जब्त ---

आरोपियों के सामान की तलाशी लेने पर अनिल के पास से दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल की वर्दी में एक परिचय पत्र, इंस्पेक्टर के ड्रेस में फोटो, न्यूज पोर्टल के परिचय पत्र भी मिले, तो सुभाष से दो वॉकी-टॉकी और गैवीनाथ से किसान यूनियन का परिचय पत्र बरामद किया गया। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 171, 196, 420 और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया गया है।

Created On :   14 April 2023 7:25 AM GMT

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