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कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए योगी सरकार ने स्वास्थ विभाग को सौंपा अपना विमान

June 04th, 2020 16:57 IST
कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए योगी सरकार ने स्वास्थ विभाग को सौंपा अपना विमान

हाईलाइट

  • कोरोना से निपटने के लिए योगी ने स्वास्थ्य विभाग को सौंपा अपना सरकारी विमान

डिजिटल डेस्क, लखनऊ, 4 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में करोना से जारी जंग में जरूरी स्वास्थ्य उपकरण मंगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना सरकारी विमान स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द कर दिया है। यह विमान 9 जून को ट्रूनेट मशीनों की एक खेप लेने गोवा जाएगा। ये मशीनें कोरोना जांच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं और मुख्यमंत्री ने फौरन ये मशीनें उत्तर प्रदेश में लाने के निर्देश दिए हैं।

इस तरह, समय की बचत के लिए और स्वास्थ्य सुविधाओं को तेजी से बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री का सरकारी विमान स्वास्थ्य विभाग के काम आ रहा है। प्रदेश में पहली बार योगी सरकार के कार्यकाल में ही ऐसा हुआ है कि स्वास्थ्य उपकरणों को लाने के लिए स्टेट प्लेन की मदद ली जा रही है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री योगी दो बार मेडिकल इक्विपमेंट मंगाने के लिए अपना सरकारी विमान बेंगलुरु और गोवा भेज चुके हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, ट्रूनेट मशीनों की महत्ता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी इससे पहले 1 जून 2020 को स्टेट प्लेन गोवा भेज चुके हैं, जहां से 21 मशीनें प्रदेश में आई थीं। ये मशीनें इमरजेंसी ऑपरेशन में खासी सहायक साबित हो रही हैं। इनके जरिए एक से डेढ़ घंटे में ही कोरोना वायरस की जांच होकर रिपोर्ट आ जाती है। मुख्यमंत्री की मंशा प्रदेश के सभी जनपदों को एक-एक ट्रूनेट मशीनें देने की है, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं को और सु²ढ़ किया जा सके।

लॉकडाउन के कारण जब ट्रेनें चलना बंद हो गई थी, तब भी मुख्यमंत्री ने 7 अप्रैल 2020 को सरकारी प्लेन बैंगलोर भेजा था और वहां से 150 ए स्टार फॉर्टिट्यूड किट-2.0 मंगवाए थे।प्रदेश में अब तक तीन लाख लोगों की जांच हो चुकी है। राज्य में 31 प्रयोगशालाओं में प्रतिदिन 10 हजार सैम्पल की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री की मंशा इसको और बढ़ाने की है। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष 15 जून तक प्रतिदिन 15 हजार और 30 जून तक प्रतिदिन 20 हजार टेस्ट का लक्ष्य रखा है।कोरोना मरीजों के इलाज के लिए सीएम योगी ने प्रदेश में एल-1, एल-2 और एल-3 के 503 कोविड अस्पताल बनवाए हैं, जिसमें 1 लाख 1 हजार 236 बेड उपलब्ध हैं। वहीं अब तक 4 करोड़ 85 हजार 700 से ज्यादा लोगों की मेडिकल स्क्रिनिंग की जा चुकी है। इस दौरान जांच टीमें 78 लाख 86 हजार 400 से अधिक घरों तक पहुंची हैं।

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