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Travel: लद्दाख घूमने का है प्लान तो इन जगहों पर जाना मत भूलना


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। खूबसूरत वादियों में बसा हुआ लद्दाख प्रकृति का एक खूबसूरत और बेजोड़ नमूना है। बर्फ से ढके हुए पहाड़, बेहद खूबसूरत झीलें, नीला आसमान... यहां की रूमानी वादियां हमेशा पयर्टकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही हैं। इंडस रिवर के किनारे पर बसा ‘लद्दाख’ एक फेमस टूरिस्ट प्लेस है। समुद्र की सतह से लद्दाख की ऊंचाई 3500 मीटर है। इसे लास्ट संग्रीला, लिटिल तिब्बत, मून लैंड या ब्रोकन मून जैसे नामों से भी जाना जाता है। दुनिया का सबसे ऊंचा मोटरेबल रोड भी लद्दाख में है। तो चलिए आपको बताते हैं लद्दाख के टॉप टूरिस्ट स्पॉट के बारे में

1) पैंगोंग झील
लद्दाख में खूबसूरत झीलों को किसी भी कीमत पर मिस नहीं किया जा सकता है। फिल्म 3 इडियट्स में पैंगोग झील को देखने के बाद सब इस जगह के दीवाने हो गये थे। यह झील 12 किलोमीटर लंबी है और भारत से तिब्बत तक फैली हुई है। यह झील अपने रंग बदलने के लिए भी जानी जाती है। लेह शहर से 5 घंटे की ड्राइव करके आप पैंगोंग झील पहुंच सकते है। पैंगोंग झील का लगभग 40 प्रतिशत भाग भारत में और शेष हिस्सा तिब्बत में है। यह झील एशिया में सबसे बड़ी खारे पानी की झील है। इस खूबसूरत क्षेत्र में कई अन्य झीलें भी मौजूद है, जो शायद लोकप्रिय नहीं है, लेकिन इन झीलों की खूबसूरती भी आपको अपना दीवाना बना देगी।

2) सबसे ऊंचा मोटरेबल रोड
जिन लोगों को एडंवेंचर पसंद हैं उनके लिए 19,300 फीट की ऊंचाई पर बाइक चलाना एक सपने के पूरे होने जैसा है। हिमांक प्रोजेक्‍ट के अंतर्गत 86 किलोमीटर लंबी ये सड़क उमिंग्‍ला टॉप से होकर गुज़़रती है और दो गांच चिसुम्‍ले और डेमछोक से जाकर जुड़ती है जोकि लेह से 230 किमी दूर है। मनाली तक फ्लाइट से जाकर वहां से बाइक किराए पर ले सकते हैं। मनाली में किराए पर बाइक लेने पर प्रतिदिन 1200 से 1800 रुपए देने पड़ेंगे और 12,000 से 18,000 का डिपॉजिट लिया जाएगा जोकि वापस आने पर लौटा दिया जाएगा। 

3)  मैग्नेटिक हिल
मैग्नेटिक हिल, लद्दाख क्षेत्र में लेह के पास एक पहाड़ी है जिसे अपनि मैग्नेटिक फील्ड के कारण जाना जाता है। यहां आपकी गाड़ी बिना चलाए ही खुद-ब- खुद चार किलोमीटर बिना पेट्रोल के चल जाती है। गाड़ी लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ऊपर की ओर चढ़ने लगती है। इस स्थान की एक ख़ास बात ये भी है कि गाड़ी जब पहाड़ी से उतरती है तो इसकी स्पीड नार्मल की अपेक्षा 3 गुनी हो जाती है।

4)  जांस्कर वैली 
13,154 फीट की ऊंचाई पर स्थित, जांस्कर घाटी एक शुष्क बंजर इलाका है। इस क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करने वाले खूबसूरत बर्फ से ढके पहाड़, शानदार झरने और हरे-भरे परिदृश्य हैं। यहां कैंपिंग के लिए जून से सितंबर में आना सही रहेगा। सर्दियों में जास्कार नदी के ऊपर बर्फ की चादर जैसी जम जाती है। इसी वजह से यह दुनियाभर में 'चादर ट्रैक' के नाम से भी मशहूर है। चादर फ्रोजन रिवर ट्रैक दूसरे ट्रैकिंग वाली जगह से बिल्कुल अलग है।

5) लेह पैलेस
लेह पैलेस इस केंद्र शासित प्रदेश का प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है। इस भव्य और आकर्षक संरचना को 17वीं शताब्दी में राजा सेंगगे नामग्याल ने एक शाही महल के रूप में बनवाया था। यह महल 9 मंजिलों का है, जहां ऊपरी मंजिलों में शाही परिवार और निचे की मंजिलों में स्टोर रूम और अस्तबल था। अब इस महल की देखरेख पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग कर रहा है, लेकिन इसकी हालत बहुत जर्जर है। इस जगह का दौरा करने वाले पर्यटक सिन्धु घाटी की खूबसूरती का आनंद उठाने के साथ आसपास के क्षेत्र जैसे की स्टोक कांगड़ी और लद्दाख पर्वत श्रृंखला का भी मज़ा ले सकते हैं।

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