वाहन चोर से  28 मोटर साइकिलें बरामद ,कई जिलों से की थीं चोरी

वाहन चोर से  28 मोटर साइकिलें बरामद ,कई जिलों से की थीं चोरी

Bhaskar Hindi
Update: 2019-07-02 13:31 GMT
वाहन चोर से  28 मोटर साइकिलें बरामद ,कई जिलों से की थीं चोरी

डिजिटल डेस्क, गाडरवारा। एक पत्रकारवार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश तिवारी ने बताया कि  वाहन चोर से चोरी की 28 मोटर साइकिलें अनुमानित कीमत 15 लाख रुपए बरामद करने में सफलता मिली है। वाहन चोर का सरगना शिशुपाल उर्फ राहुल गुर्जर पिता बड्डूलाल गुर्जर उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम सुपाड़ी थाना सांईखेड़ा को वाहन चैकिंग के दौरान पकड़ा गया था कागजात गलत कागजात दिखाने पर उसका प्रधान आरक्षक राजेन्द्र गुप्ता एवं आरक्षक राजेश बागरी से विवाद हो गया जिसे थाने ले जाकर पूछताछ की तो वह ऐसे राज उगलता गया कि एक के बाद एक 28 मोटर साईकिलों का जखीरा बरामद हो गया।

सबसे ज्यादा वाहन होशंगाबाद जिले के 18, नरसिंहपुर जिले के 4, सिहोर एवं अन्य जिलों के 6 वाहन  गाडरवारा के ग्रामीण अंचलों से खरीददारों के पास से जब्त किये गये। यह शातिर वाहन चोर भोपाल, होशंगाबाद, पिपरिया, इटारसी सहित अन्य शहरों में घूमकर वाहन चुराकर नरसिंहपुर जिले में लाकर बेच रहा था। वाहन चोर मजबूरी बताकर पहले चोरी किये वाहन को गिरवी रख देता था और बाद में बेच देता था। गिरोह के सदस्य वाहन के नकली कागजात तैयार करके खरीददारों को दे देता थे जिससे खरीदने वालों को भी शक नहीं होता था। वाहन चोर इतना शातिर है कि जो वाहन चोरी करता था उसमें गाड़ी के कागजात की फोटो कॉपी रखी मिलती थी वह उनकी फोटोकापी पेपर के स्केनिंग कराकर चंद घंटो में नये पेपर तैयार करा लेता था। पुलिस ने इस संबंध में आरोपी के खिलाफ धारा 41 (1)-4 /379 एवं सह आरोपियों के खिलाफ धारा 411 का मामला पंजीबद्ध किया है। 

वाहन शोरूम के सामने खरीददारों को तलाशता था

वाहन चोर आरोपी इतना शातिर दिमाग था कि वह चुरायी गई मोटर साईकिल बेचने के लिए मोटर साईकिल शोरूमों में जाकर इस बात की रैकी करता था कि मोटर साईकिल खरीददार कौन है ओर उनमें से अपना मोटर साईकिल ग्राहक खोजकर कम दामों में बेच देता था और मय चांबी के नकली कागजात थमा देता था जिससे किसी को शक भी नहीं होता था।  

अय्याशी, शराबखोरी, जुंआ की लत में करता का पैसा बर्बाद

आरोपी का सबसे पहले प्रथम अपराध साईंखेड़ा थाने के अंतर्गत जुआ खेलने का दर्ज किया गया था। उसके बाद उसकी अय्याशी, शराबखोरी में लत लगती गई और वह वाहन चुराने का कृत्य करने लगा। इसके बाद वह अन्य जिलो में जाकर आये दिन वाहनों की चोरी कर गिरवी या उन्हे बेंचकर अय्याशी करने लगा। आरोपी स्थानीय चोर मोहन कौरव के साथ जुआ खेलकर रूपया खर्च करता था तथा उसे चोरी की मोटर साईकिल भी दी । 

इनका कहना है

आरोपी वाहन चोर शातिर किस्म का अपराधी है। यह आरोपी वाहनों के नकली पेपर एवं वाहन की चाबी गाडरवारा में बनवाकर बेच देता था । कुछ मोटर साइकिलों की बरामदी होना है जिसके लिए हमारी पुलिस टीम अथक प्रयास कर रही है। राजेश तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर 
 

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