कश्मीर में चोटीकांड कानून व्यवस्था का मामला : बिपिन रावत

कश्मीर में चोटीकांड कानून व्यवस्था का मामला : बिपिन रावत

Bhaskar Hindi
Update: 2017-10-21 03:53 GMT
कश्मीर में चोटीकांड कानून व्यवस्था का मामला : बिपिन रावत

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। कश्मीर में चोटीकांड मामले में सेना प्रमुख बिपिन रावत का बयान सामने आया है। इस मामले में भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा देशभर में चोटी काटने की घटनाएं हुई हैं,लेकिन कश्मीर में हालत ज्यादा खराब हैं जिसके चलते कश्मीर पुलिस मुस्तैद है और  ये कानून व्यवस्था का मामला आगे रावत ने कहा कि सीमा पार आतंकियों का कोई प्रशिक्षण शिविर बंद नहीं हुआ है। 

बता दें कश्मीर घाटी अलगाववादियों ने चोटी कटने के मुद्दे को भुनाकर माहौल खराब कर दिया है। आये दिन यहां भीड़ बेकाबू होकर किसी न किसी को अपना निशाना बना रही है। ताजा मामला कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर कस्बे का है जहां शुक्रवार को भीड़ ने एक आदमी पर हमला कर दिया, हमले में घायल वसीम नामक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। 

जिंदा जलाने का प्रयास

भीड़ का न कोई धर्म होता है न इमान। वो बस भीड़ होती है जिसका कोई न कोई शिकार होता ही है। इस बार भीड़ का शिकार बना वसीम, जिस चोटी कटवा समझ कर उपद्रवियों ने भीड़ में मिलकर उन्हें उकसाया और वसीम को बुरी तरह से पीटा। सिर्फ यहां उनका दरिंदगी खत्म नहीं होती उन्होंने न सिर्फ मारपीट की बल्कि घायल युवक को जिंदा जलाने का भी प्रयास किया। पुलिस ने मशक्कत कर उसे भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। इसके लिए पुलिस को बल प्रयोग तक करना पड़ा।

दिमागी रूप से कमजोर है युवक

इस सब घटना के बाद खुलासा हुआ कि जिस युवक पर भीड़ ने अपना गुस्सा उतारा वो दिमागी रुप से बीमार है यही वजह है कि वो अकेला इलाके में दर-ब-दर भटकता रहता है। दरअसल चोटी कटवा का अफवाहों के चलते कश्मीर में पिछले डेढ़ महीने से माहौल खराब है और इसी अफरा-तफरी में इलाकों के लोग किसी भी अनजान को संदिग्ध समझ उस पर हमला कर देते हैं। ऐसे में कई बार ये लोग दरिंदगी की सभी हदों को भी पार कर देते हैं और बिना सच जाने उसे मारने तक की कोशिश की जाती है। इन सब अफवाहों के बाद घाटी में शांति बहाल करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बस प्रयोग भी किया जा रहा है।

अब तक 50 !

अफवाह के चलते हुए हमलों में अब तक 50 से ज्यादा लोग बेकाबू भीड़ का शिकार बन चुके हैं। जिनमें वहां घूमने आये लोग भी शामिल हैं। पुलिस लगातार मुस्तैद है, लेकिन न तो चोटी काटने वाले का खुलासा हो पा रहा है और न ही इस तरह के हमलों में कोई कमी आ रही है, वहीं प्रशासन का कहना है कि एक स्पेशल टीम बनाई गई है और जानकारी देने वाले को इनाम तक घोषित किया गया है लेकिन लोगों का कोई सहयोग न मिलने के चलते अब तक पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी है। पिछले एक महीने में 130 से ज्यादा लोगों की चोटी कटने के मामले सामने आए हैं।

अफवाह या साजिश में घाटी "बंद", धारा 144 लागू

चोटी कटने की घटना पर घाटी मे तनाव बढ़ता जा रहा है। इसके पीछे कई सारे कयास भी लगाए जा रहे हैं कुछ लोगों का कहना है कि ये केवल अफवाह तो कुछ कह रहे हैं कि ये अलगाववादियों की नई साजिश है जिसके चलते वो फिर घाटी के हालात खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इन्ही सब के चलते कश्मीर के अलगाववादियों ने कश्मीर बंद का आहवाहन किया जिसके चलते पुलिस ने सुरक्षा और शांति को बनाए रखने के लिए कई इलाकों खानयार, रैनावाड़ी, नौहट्टा, एम.आर. गूंज, सफाकदल, करालखुद और मैसूमा में धारा 144 लगा दी गई है। यहां सभी दुकानों के साथ साथ स्कूल और कॉलेज भी बंद हो गए हैं और 21 को होनी वाली परिक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। ये सब प्रतिबंध इसलिए हैं क्योंकि अलगाववादी प्रमुख सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक के नेतृत्व में जुम्मे की नमाज के बाद विरोध शुरु किया जाएगा। 

यहां साजिश की बात इसलिए भी कही जा रही है क्योकिं ऐसे भी कई दृश्य सामने आ रहे हैं जहां नारे लगाए जा रहे हैं कि शिया-सुन्नी भाई-भाई। अब चोटी काटने के मामले में इन संगठनों का इक्ट्ठा होना एक सोची समझी योजना मानी जा रही है।

राजस्थान से शुरु हुई आग कश्मीर में जा भड़की

चोटी कटने की अफवाह देश के कई हिस्सों से सामने आयी है। बात करें इसकी शुरुआत की तो राजस्थान से इन सब खबरों की शुरुआत हुई थी और मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और अब ये चिंगारी जम्मू-कश्मीर पहुंच चुकी है, लेकिन वहां इस घटना ने अफवाह से बदलकर अब आतंक का रूप ले लिया है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस माहौल का चोर-बदमाश फायदा उठा रहे हैं और घाटी का माहौल बिगाड़ रहे हैं। इस तरह के कई वीडियो भी यू-ट्यूब पर डाले गए हैं जिनमें चोटी कटवा के नाम पर बेकाबू भीड़ लोगों को अपना शिकार बना रही है

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