22 दिन में नहीं बरसी एक बूंद, सूखती फसलों पर किसानों ने चलाए ट्रेक्टर

अन्नदाता पर मौसम की मार, स्लीमनाबाद तहसील में औसत से 50 फीसदी भी नहीं हुई बारिरश 22 दिन में नहीं बरसी एक बूंद, सूखती फसलों पर किसानों ने चलाए ट्रेक्टर

Bhaskar Hindi
Update: 2021-10-23 09:50 GMT
22 दिन में नहीं बरसी एक बूंद, सूखती फसलों पर किसानों ने चलाए ट्रेक्टर

डिजिटल डेस्क  कटनी/बंधी स्टेशन । जिसका डर था, वैसे ही हालात बन गए। जिस फसल को चार माह तक  पसीने से सींचा, आंखों आंसू लिए उसे अपने ही हाथों बर्बाद करने किसान विवश हो रहे हैं। स्लीमनाबाद क्षेत्र में बीते 22 दिनों से बारिश के नाम पर एक बूंद भी नहीं गिरी। वहीं दूसरी ओर बिजली कटौती के चलते मोटरपम्प, ट्यूबवेल भी शोपीस बने हैं। धान के अब पकने की उम्मीद भी समाप्त हो गई। रबी सीजन की फसल की उम्मीद पर किसान खड़ी फसल में ट्रैक्टर चलवा रहे हैं। ताकि समय पर गेहूं, चना, मसूर की बोवनी कर सकें। शायद उसी से घाटे की भरपाई हो सके। इस साल खरीफ सीजन में दो लाख हैक्टेयर से अधिक में बोवनी हुई थी। जिसमें अकेल धान की रकबा एक लाख, 80 हजार हैक्टेयर था। जिले की औसत वर्षा 1124 मिली मीटर है। इस साल अब तक 715 मिमी बारिश हुई है। जिसमें सबसे कम 503 मिली मीटर बारिश स्लीमनाद तहसील में हुई।
मजदूरी भी नहीं निकलेगी
अन्नदाता की आमदनी का एकमात्र जरिया खेती ही है। उसी से सालभर की तमाम आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। इस वर्ष भी किसानों को धान की खेती से अच्छी आमदनी की आस जाग थी। कृषकों ने महंगा बीज खरीदकर  खेतों में धान का रोपा लगाया था व  छिटका  पध्दति से भी बोवनी की थी। इस साल शुरू से ही मानसून कमजोर था। फिर भी किसानों ने इस उम्मीद से फसल बचाए रखी कि आखिर में ही सही यदि अच्छी बारिश हो जाएगी तो धान की फसल  से लागत और मेहनताना निकल ही आए और रबी सीजन में बोवनी का मौका मिल जाएगा। बीते एक माह से बारिश नहीं होने से ऐन गभोट के मौके पर धान सूख गई। खेतों में खड़ी फसल केवल पुआल बनकर रह गई। यदि उसकी कटाई कराते हैं तो मजदूरी भी नहीं निकलेगी। इसलिए किसानों ने खड़ी फसल में ही ट्रैक्टर से जुताई करा दी।
तहसीलवार बारिश की स्थिति
तहसील     20 अक्टूबर तक     पिछले साल
कटनी    596                  1138
रीठी    626                   773
बड़वारा 902                  717
बरही    891                  1113
विगढ़   885                631
बहोरीबंद        619                792
स्लीमनाबाद      503               620
ढीमरखेड़ा       736              722
औसत बारिश       715              813
 

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