सीट पर सियासत: विधानसभा में बदली गई सीट, पायलट बोले- सरहद पर सबसे मजबूत योद्धा भेजा जाता है

सीट पर सियासत: विधानसभा में बदली गई सीट, पायलट बोले- सरहद पर सबसे मजबूत योद्धा भेजा जाता है

Bhaskar Hindi
Update: 2020-08-14 10:23 GMT
सीट पर सियासत: विधानसभा में बदली गई सीट, पायलट बोले- सरहद पर सबसे मजबूत योद्धा भेजा जाता है

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में महीनेभर से चल रहा सियासी घमासान सचिन पायलट की घर वापसी के बाद खत्म हुआ था। शुक्रवार से विधानसभा सत्र की शुरुआत हुई लेकिन सदन में पायलट की सीट को लेकर फिर से विवाद बढ़ सकता है। दरअसल विधानसभा में सचिन पायलट की सीट बदल दी गई है। पायलट को निर्दलीय विधायकों के साथ बैठाया गया। पायलट और उनके समर्थक विधायकों को गैलरी में लगी कुर्सी पर बैठाया गया। हालांकि इस मामले के तूल पकड़ने से पहले ही पायलट ने यह कह दिया कि, बॉर्डर पर हमेशा मजबूत सिपाही को भेजा जाता है।

विधानसभा में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा, मैं पहले जिस सीट पर बैठता था, वहां मैं सुरक्षित था। आज जब मैं सदन में आया तो देखा, मेरी सीट पीछे रखी गई है। मैं आखिरी कतार में बैठा हूं। फिर मैंने सोचा कि मुझे अलग सीट क्यों आवंटित की गई है। मैंने देखा कि यह सीमा है- एक तरफ सत्ताधारी पार्टी, दूसरी तरफ विपक्ष। सीमा पर किसे भेजा जाता है? सबसे मजबूत योद्धा को।

पायलट ने ये भी कहा, सचिन पायलट ने कहा, मैं हूं या फिर मेरा कोई दोस्त, हमने जिस "डॉक्टर" से सलाह ली है और हम सभी 125 लोग "ट्रीटमेंट" के बाद आज सदन में खड़े हैं। आज जिस सीमा पर हम खड़े हैं, यहां बमबारी हो सकती है, लेकिन हम कवच बनकर सब कुछ सुरक्षित बनाए रखेंगे।

आखिरी सांस तक मैं राजस्थान के लिए समर्पित
विधानसभा सत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान पायलट ने कहा, आज सदन के अंदर विश्वास मत को बहुमत से पारित किया गया जो अटकलें लगाई जा रही थीं उन्हें विराम मिला है। वहीं सिटिंग अरेंजमेंट को लेकर उन्होंने कहा, पहले मैं सरकार का हिस्सा था आज नहीं हूं लेकिन यहां पर कौन कहां बैठता है ये महत्वपूर्ण नहीं है। लोगों के दिल और दिमाग में क्या है ये ज्यादा महत्वपूर्ण है। जीवन की आखिरी सांस तक मैं इस प्रदेश के लिए समर्पित हूं।

गौरतलब है कि, अशोक गहलोत सरकार के प्रति बगावत के बाद पायलट को उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। पहले सचिन पायलट सत्तापक्ष में मुख्यमंत्री के पास वाली सीट पर बैठते थे, लेकिन अब सदन में उनके बैठने की जगह बदल दी गई। उन्हें ऐसी सीट दी गई है जहां उनके एक ओर सत्ता पक्ष तो दूसरी ओर विपक्ष है। 

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